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स्वच्छता की नई इबारत लिख रहा जोधपुर शहर, प्रारंभिक रूप में चयनित पांच वार्ड में स्वच्छता के कार्य जारी

नगर निगम जोधपुर को स्वच्छता के पुरोधा श्री के के गुप्ता का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा, स्वच्छता के "डूंगरपुर मॉडल" पर हो रहे ...


नगर निगम जोधपुर को स्वच्छता के पुरोधा श्री के के गुप्ता का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा, स्वच्छता के "डूंगरपुर मॉडल" पर हो रहे है कार्य

नई दिल्ली/जयपुर/जोधपुर। मनुष्य की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प में वह सामर्थ्य छिपा है, जो असंभव को भी संभव बना सकता है। जब कोई व्यक्ति किसी लक्ष्य को पाने की मन में 'ठान' लेता है, तो उसकी पूरी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा उस एक उद्देश्य पर केंद्रित हो जाती है। रास्ते की बाधाएं उसे रोकने के बजाय और भी मजबूत बनाती हैं। 

यह वाक्यांश स्वच्छता के पुरोधा के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले श्री के के गुप्ता पर सटीक बैठता है, क्योंकि उनके द्वारा स्वच्छता सहित पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में भी ऐसे अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं जिनकी बदौलत आज उनके गृह क्षेत्र डूंगरपुर सहित पूरे राजस्थान प्रदेश और भारत देश में श्री गुप्ता को स्वच्छ भारत अभियान का एक ब्रांड एंबेसडर माना जाता है। श्री गुप्ता की दूरदर्शी सोच और कार्य कुशलता द्वारा जिस किसी भी निकाय अथवा जिला स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान के कार्यों को हाथ में लिया जाता है तो निश्चित रूप से उसे निकाय अथवा ग्राम पंचायत का स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जाना स्वाभाविक है। श्री गुप्ता द्वारा नगर परिषद डूंगरपुर सभापति कार्यकाल पूर्ण करने के पश्चात शेखावाटी अंचल की तीन प्रमुख नगर निकायों के न्याय मित्र के दायित्व का निर्वहन किया जा रहा है इसके सहित राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा साहब द्वारा उन्हें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का स्टेट कोऑर्डिनेटर भी नियुक्त किया गया है। इन सभी अभूतपूर्व कार्य उपलब्धियां और अनुभव से प्रभावित होकर मारवाड़ अंचल के नगर निगम जोधपुर द्वारा श्री गुप्ता को जोधपुर शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित समुचित मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया गया था इसके पश्चात से गुप्ता द्वारा वृहद स्तर पर बैठक में लेते हुए स्वच्छ भारत मिशन के प्रत्येक मापदंड को जोधपुर शहर में लागू करने को निर्देशित किया गया।

जोधपुर नगर निगम आयुक्त द्वारा आदेशों की पालना में जोधपुर नगर निगम के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभिक चरण में चयनित पांच वार्ड संख्या 36, 8, 54, 99 और 82 में स्वच्छता अपनाने की दिशा में कार्य करते हुए जगह-जगह फैल रही गंदगी को हटाने, सड़क से अतिक्रमण मुक्ति, नाली और नालों की साफ सफाई, सामुदायिक शौचालय और मूत्रालय की दिन में तीन बार सफाई, सभी पांच वार्ड के प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने आदि कार्य जारी है।

माननीय राजस्थान हाई कोर्ट का भी सख्त आदेश

जोधपुर शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त रुख जारी है। इसी से जुड़े मामले में राज्य सरकार और नगर निगम ने कोर्ट को बताया है कि वे शहर को साफ रखने के लिए 'डूंगरपुर मॉडल' के सूत्रधार के.के. गुप्ता की मदद ले रहे हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई की।

सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वस्त किया गया है कि शहर से गंदगी और मलबा हटाने के लिए एक ठोस योजना तैयार की जा रही है। कोर्ट ने सरकार के आग्रह पर प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की है।

सुनवाई के दौरान सरकार और निगम की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पंवार ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट द्वारा गत 14 नवंबर को दिए गए निर्देशों की पालना में विभाग सक्रिय हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व सभापति और स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर रहे के. के. गुप्ता को विशेष रूप से जोधपुर बुलाया गया था।

एएजी ने कोर्ट को जानकारी दी कि एक्सपर्ट गुप्ता के साथ सक्षम अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है, जिसमें जोधपुर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

हर वार्ड में बनेगी निगरानी कमेटी

कोर्ट को बताया गया कि सफाई व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अधिवक्ता ने ने सबमिशन दिया कि शहर की स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए अब 'वार्ड-वाइज कमेटियां' गठित की जा रही हैं। ये कमेटियां अपने-अपने क्षेत्र में कचरा प्रबंधन और सफाई कार्यों की निगरानी करेंगी।

सरकार ने कहा- अभी थोड़ा समय और चाहिए

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट से अनुरोध किया गया कि सफाई को लेकर उठाए गए कदमों और प्रोग्रेस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लाने के लिए उन्हें कुछ और समय दिया जाए। खंडपीठ ने इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए मामले को 3 फरवरी तक के लिए टाल दिया।

गौरतलब है कि जोधपुर निवासी महेश गहलोत ने जनहित याचिका दायर कर शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया था, जिस पर कोर्ट लगातार निगरानी रख रहा है।

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