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अगले 7 दिन में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मेरा काम करना व्यर्थ है : के के गुप्ता

राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में यदि डूंगरपुर निकाय पीछे गया तो परिणाम अकल्पनीय होंगे : के के गुप्ता स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने नगर प...


राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में यदि डूंगरपुर निकाय पीछे गया तो परिणाम अकल्पनीय होंगे : के के गुप्ता

स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने नगर परिषद डूंगरपुर में ली बैठक

डूंगरपुर। स्वच्छ भारत मिशन शहर 2.0 के तहत राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर तथा नगर परिषद के पूर्व सभापति के के गुप्ता द्वारा मंगलवार प्रातः नगर परिषद सभागार में डूंगरपुर और सागवाड़ा निकाय के अधिकारियों सहित रुडीप प्रोजेक्ट और जेजेएम प्रोजेक्ट के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली गई। 

मुख्यमंत्री का विजन है स्वच्छ राजस्थान

गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय श्री भजन लाल शर्मा का एक विजन है कि राजस्थान प्रदेश देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर राज्य बने। स्वच्छता के बिना विकसित प्रदेश की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। पिछले वर्ष जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम में लगभग 30 हजार करोड रुपए का निवेश राजस्थान में किए जाने के संबंध समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं, यह सभी विदेशी और देश के उद्योगपति हैं जो राजस्थान राज्य में अपना उद्योग लगाने जा रहे हैं। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि स्वच्छ और सुंदर राजस्थान बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।

नगर परिषद कार्मिकों को किया पाबंद,कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए

बैठक के प्रारंभ में ही स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर गुप्ता द्वारा सख्त लहजे में नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों को पाबंद करते हुए कहा कि लगभग 5 वर्ष पूर्व डूंगरपुर निकाय का नाम स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकता था और आज हालात ऐसे कर दिए गए हैं कि डूंगरपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ने की कगार पर आ चुका है। डूंगरपुर में कांच की तरह सड़के चमकते थी और आज हर गली मोहल्ले में सड़के खुदी हुई है। नगर में विभिन्न पार्क में 38 फाउंटेन स्थापित किए गए थे जिसमें से मात्र चार चालू हालत में है। डूंगरपुर में पर्यटक आने बिल्कुल बंद हो चुके है। जगह-जगह स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हुई है। बाग बगीचों की हालत अत्यंत खराब है कचरा यार्ड में आग लग रही है। सड़कों पर गए बेसहारा घूम रही है और मवेशी पकड़ने वाली गाड़ी सहित अन्य संसाधनों की कमी से नगर परिषद जूझ रही है। घर-घर कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है। गली मोहल्ले में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सड़कों पर प्लास्टिक की थैलियां फैल रही हैं, सार्वजनिक टॉयलेट गंदगी से भरे हुए हैं। गैप सागर झील में मछलियां समाप्त हो गई है और अवैध मत्स्याखेट हो रहा है, जिसे रोकने वाला कोई नहीं है। पेड़ों की छंटनी के नाम पर पूरा ही काट करके वृक्षों की हत्या की गई है।

गुप्ता ने कहा कि डूंगरपुर नगर परिषद का नाम विश्व विख्यात होने के पीछे तत्कालीन समय में यहां कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जीत तोड़ मेहनत का परिणाम है। अधिकारी रात भर कार्य करके राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण के नियम और मापदंडों की पूर्ति करते थे। इसके साथ ही नगर की आम जनता और नगर के स्कूलों में पढ़ने वाले 22373 बच्चों के सामूहिक सहयोग और समर्पण के साथ में डूंगरपुर का नाम रोशन हुआ है। 

सीवरेज और गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट अधिकारियों को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश

स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने डूंगरपुर नगर में संचालित सीवरेज पाइपलाइन कार्य और गुजरात गैस कंपनी द्वारा घरेलू ईंधन गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारियों को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अब सीवरेज लाइन के लिए पूरी लंबी सड़क पर खुदाई नहीं की जाएगी बल्कि छोटे टुकड़ों में खुदाई करके तुरंत उसे सही करते हुए आगे बढ़ा जाएगा और रात्रि के समय कार्य करने को प्राथमिकता दी जाए। गुजरात गैस कंपनी के अधिकारियों को भी निर्देश दिए की नगर परिषद के जिन वार्ड में गैस पाइपलाइन का कार्य बाकी है वहां जल्द पूरा किया जाए और सीवरेज अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक साथ कार्य संपन्न करें।

नगर सुधार के दिशा में दिए निर्देश

ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने कहा कि अब नगर निकाय के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी निभाने का समय आ चुका है। डूंगरपुर नगर निकाय आगामी राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में फिर से श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करें इसके लिए पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ जुट जाना है। इसके साथ ही हमें नगर वासियों के विश्वास को फिर से हासिल करना है तथा 5 साल पहले वाला स्वच्छ सुंदर हरा-भरा डूंगरपुर का पुनर्निर्माण करना है।

गुप्ता ने निर्देश दिए कि गैप सागर झील में सीवरेज प्लांट का गंदा पानी रोका जाए, झील में फिर से मछलियों को डाला जाए, झील में न्यूनतम कर नौका संचालित की जाए। झील के आसपास विशेष प्रजाति के पेड़ लगाए जाएं जो पानी को भी साफ रखेंगे। रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था का समय रात 10 से सुबह 4 बजे तक निर्धारित करके एक सफाई कार्मिक को 400 मी. का क्षेत्र दिया जाए और जमादार द्वारा नियमित रूप से गश्त की जाए। पुरानी व्यवस्था की तरह फिर से शिकायत कक्ष स्थापित करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए जो 24 घंटे कार्य करेगा। नगर के विभिन्न वार्ड में खाली पड़े हुए भूखंड मालिकों पर जुर्माना लगाते हुए नोटिस जारी किए जाएं। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए मुख्य मार्ग पर निर्धारित लाइन के बाहर खड़े वाहन को जप्त किया जाए। 

बैठक में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक और अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, नगर परिषद डूंगरपुर आयुक्त प्रकाश डूडी और नगर पालिका सागवाड़ा अधिशासी अधिकारी मोहम्मद सुहैल शेख उपस्थित रहे।

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