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भक्ति और रंगों के संगम 'फूल फाग रसिया' में उमड़ा जनसैलाब, वागधीश महाराज के वचनामृत से निहाल हुए भक्त

उदयपुर। झीलों की नगरी के शोभागपुरा स्थित अशोका पैलेस का मधुश्री बैंक्वेट हॉल रविवार को गोकुल-वृंदावन के रंग में रंगा नजर आया। बिजनेस सर्कल इ...



उदयपुर। झीलों की नगरी के शोभागपुरा स्थित अशोका पैलेस का मधुश्री बैंक्वेट हॉल रविवार को गोकुल-वृंदावन के रंग में रंगा नजर आया।

बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल, श्री विट्ठलेश मंडल और कुमावत कीर्तनकार भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य 'फूल फाग रसिया' महोत्सव का। बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि द्वितीयपीठ विट्ठलनाथ मंदिर के वल्लभकुल वैष्णवाचार्य 108 वागधीश महाराज ने अपनी पावन उपस्थिति से भक्तों को कृतार्थ किया। उन्होंने कहा कि महाराज श्री ने अपने दिव्य वचनामृत में पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति और फाग महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के प्रेम का प्रतीक है।

फूलों की होली और रसिया गान

कुमावत कीर्तनकार भक्त मंडल के गोपालदास कुमावत ने बताया कि मंडल के सदस्यों ने जब फाग के रसमय पदों का गायन शुरू किया, तो पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे। फूलों की होली के दौरान जब चारों ओर पंखुड़ियों की वर्षा हुई, तो दृश्य अत्यंत मनोरम हो उठा।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध पुष्टिमार्गीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंत में वैष्णवजनों ने महाराज श्री का आशीर्वाद लिया और प्रसादी ग्रहण की। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक, व्यवसायी और बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त उपस्थित रहे।

पारंपरिक परिवेश ने घोला भक्ति का रस

उत्सव की सबसे खास बात इसका मर्यादित और पारंपरिक स्वरूप रहा। महोत्सव में शामिल महिलाएं 'फागनिया साड़ी' और पुरुष 'धोती-बुगलबंडी' व 'कुर्ता-पजामा' जैसे पारंपरिक परिधानों में नजर आए। इस एकरूपता ने पूरे वातावरण को सात्विक और दिव्य बना दिया।

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