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भारतीय सिन्धी भाषा दिवस एवं संत कंवर राम जयंती महोत्सव पर सिन्धी सभ्यता की झलक दिखी

उदयपुर। शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में भारतीय सिन्धु सभा द्वारा श्री बिलोचिस्तान पंचायत सिन्धी सेन्ट्रल युवा सेवा समिति एवं शहीद हेमू क...


उदयपुर। शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में भारतीय सिन्धु सभा द्वारा श्री बिलोचिस्तान पंचायत सिन्धी सेन्ट्रल युवा सेवा समिति एवं शहीद हेमू कालाणी युवा मंच की सहभागिता से रविवार को सिन्धी भाषा दिवस एवं सिन्ध के संत कंवर राम जयंती महोत्सव हर्षाेल्लास से मनाई गई। सभा के अध्यक्ष गुरमुख कस्तूरी एवं महामंत्री विजय आहुजा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री झुलेलाल, भारतमाता एवं संत कंवर राम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वल से हुई। कार्यक्रम में सिन्धी गीत, लाढे भजन एवं सिन्धु संस्कृति की दिल को छूने वाली प्रस्तुतियां दी गई।

कार्यक्रम के प्रारंभ मे सुश्री रमा खियिणी ने सिन्धी अबाणी बोली मिठड़ी अबाणी बोली गीत प्रस्तुत किया। रूपाली मोटवानी ने जाग सिन्धी जाग मांसी ईसरानी ने मन को छू लेने वाला भजन पार पुजाइन्दो झूलेलाल। छोटे छोटे बच्चों के सिन्ध की संस्कृति पर आधारित नृत्य और गीतों को बहुत सराहा गया। सभागार मे उपस्थित लोगों ने करतल ध्वनि से तालीया बजा कर प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन किया। कुल 25 प्रतिभागियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की।

प्रदेश संरक्षक सुरेश कटारिया एवं संभाग प्रभारी प्रकाश फुलानी ने बताया कि पांच वर्षीय नन्हे बालक लावण्य मूलचंदानी ने सभागार में उपस्थित व्यक्तियों को खड़ा कर शपथ दिलाई गई कि हम अपने लोगों से तथा घर पर अपनी मातृभाषा सिन्धी मंे बात करेंगे एवं अपनी सिन्धी बोली संस्कृति का सम्मान करेंगे। इस पर करतल ध्वनि से उसका उत्साह वर्धन किया। 

इस अवसर पर सिन्धी सेन्ट्रल युवा सेवा समिति के अध्यक्ष विजय आहुजा एवं महामंत्री मुकेश खिलवानी का उपरणा ओढा कर स्वागत किया गया। 10 अप्रैल को उपराष्ट्रपति माननीय सी,पी राधाकृष्णन देवनागरी में प्रकाशित सिन्धी भाषा में भारतीय संविधान का विमोचन किया। इस अवसर पर विजय आहुजा एवं महामंत्री मुकेश खिलवानी भाग लिया। विजय आहुजा एवं मुकेश खिलवानी ने उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम के अपने अनुभव बताए। इस अवसर पर संत वासूराम दरबार के संत श्री साधूराम एवं श्री दीपक रंगवानी का शाल एवं उपरणा ओढा कर स्वागत किया गया।

सिन्धु सभा के संरक्षक नानकराम कस्तूरी एवं शहीद हेमू कालाणी युवा मंच के अध्यक्ष राजेश खत्री ने बताया कि अपने उद्बोधन में श्री झूलेलाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रताप राय चुग ने कहा कि हमें अपनी सिन्धी बोली पर गर्व है। 

डॉ मनोहर कालरा ने अपने उद्बोधन मे कहा कि 10 अप्रैल 1967 को भारत सरकार ने संविधान की आठवीं अनुसूची में सिन्धी भाषा को २१ वें सशोधन द्वारा मान्यता प्रदान की। इसके उपलक्ष्य एवं स्मृति मंे प्रति वर्ष आयोजन किया जाता है।

सभा के उपाध्यक्ष सुनील कालरा शिकारपुरी एवं कमलेश चैनानी ने बताया कि राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद की सिन्धी परिक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थीयों को प्रमाणपत्र दिये गये व शिक्षकों का सम्मान किया गया। प्रस्तुति देने वालों को पारितोषिक दे कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मीनल पुरुस्वानी ने किया ।

    


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