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वर्षों बाद उदयपुर में विराजेंगे उपाध्याय रमेश मुनि व प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि, कल होगा भव्य चातुर्मास प्रवेश

मंगल कलश, जयघोष और विशाल शोभायात्रा के साथ देवेन्द्र धाम पहुंचेंगे मुनिवर, देशभर से उमड़ेगी श्रद्धालुओं की आस्था उदयपुर। श्री वर्द्धमान स्थान...



मंगल कलश, जयघोष और विशाल शोभायात्रा के साथ देवेन्द्र धाम पहुंचेंगे मुनिवर, देशभर से उमड़ेगी श्रद्धालुओं की आस्था

उदयपुर। श्री वर्द्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में गुरुदेव पुष्कर देवेन्द्र मुनि के शिष्यरत्न उपाध्याय रमेश मुनि महाराज, प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि महाराज, साहित्यकार डॉ. सुरेन्द्र मुनि महाराज एवं दीपेश मुनि महाराज का भव्य चातुर्मास प्रवेश रविवार, 26 जुलाई को भुवाणा रोड स्थित देवेन्द्र धाम में होगा। वर्षों बाद इन संतों के उदयपुर आगमन को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह का वातावरण है।
संघ के अध्यक्ष एडवोकेट रोशनलाल जैन ने बताया कि प्रातः 8 बजे फ्लोरा कॉम्पलेक्स स्थित पूर्व महापौर श्रीमती रजनी-वीरेन्द्र जी डांगी के निवास से भव्य शोभायात्रा प्रारम्भ होगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए देवेन्द्र धाम पहुंचेगी। शोभायात्रा में महिलाएं मंगल कलश ले कर कर, श्रावक-श्राविकाएं ध्वज-बैनरों के साथ तथा भगवान महावीर के जयघोष करते हुए बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में जोधपुर, पाली, दिल्ली, सूरत  सहित देश के विभिन्न शहरों से श्रद्धालु एवं समाजसेवी उदयपुर पहुंच रहे हैं। उदयपुर के समस्त श्रीसंघ, सामाजिक संस्थाओं, श्राविका संघ एवं युवा संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन को भव्य एवं यादगार बनाने में जुटे हुए हैं।
चातुर्मास प्रवेश समारोह में समाजसेवी मागीलाल लुणावत मुख्य अतिथि होंगे। दिल्ली नवकार तीर्थ के अध्यक्ष प्रशांत जैन तथा जैन कॉन्फ्रेंस के पदाधिकारी भी समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे। श्रावक संघ ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि उपाध्याय रमेश मुनि एवं प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि अपनी छह दशक से अधिक की संयम साधना के दौरान जम्मू से चेन्नई तक व्यापक धर्मयात्राएं एवं अनेक चातुर्मास सम्पन्न कर चुके हैं। दोनों संतों के ओजस्वी प्रवचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। चातुर्मास अवधि में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से नियमित प्रवचन होंगे।

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