उदयपुर, 19 सितंबर। उदयपुर में इंदिरा नगर बीड़ा क्षेत्र में शिव मूर्ति खंडित करने के मामले की पीयूसीएल पुरजोर शब्दों में निंदा करता है, साथ ही...
उदयपुर, 19 सितंबर। उदयपुर में इंदिरा नगर बीड़ा क्षेत्र में शिव मूर्ति खंडित करने के मामले की पीयूसीएल पुरजोर शब्दों में निंदा करता है, साथ ही इस घटना की आड में सांप्रदायिक तत्वों द्वारा क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने, शांतिपूर्ण जीवन जीने वाले नागरिकों के प्रति नफरत फैला कर तनाव उत्पन्न करने एवं कानून हाथ में लेकर हिंसा फैलाने, उदयपुर का आपसी भाईचारा और सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास के प्रति चिंता व्यक्त कर, उदयपुर प्रशासन से गुज़ारिश की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए, दोषी व्यक्ति को कठोर दंड दिलाने की कानून सम्मत रीति से पुख्ता व्यवस्था की जाए एवं किसी निर्दाेष को तंग न किया जाए।
पीयूसीएल की विज्ञप्ति में अरुण व्यास अध्यक्ष एवं याकूब मोहम्मद सचिव ने बताया कि पुलिस जांच में इस घटना में फ़िरोज़ नाम के व्यक्ति को डिटेन किया गया है, वहीं हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा उसके मकान को बुलडोज़ करने का दबाव बनाया है और प्रशासन ने घुटने टेकते हुए उसके मकान में अवैध बेसमेंट, प्रथम मंज़िल एवं जमीन के स्वामित्व पर सवाल उठाते हुए, उसका कब्जा और निर्माण दोनों को अवैध ठहराया है। उसे 15 दिन के भीतर कागज पेश करने को है अन्यथा खुद हटाने के निर्देश नुमा नोटिस दिया है।
पीयूसीएल ने इस कार्यवाही का विरोध करते हुए जिला प्रशासन को आगाह किया है कि भारत के कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, कि किसी व्यक्ति के आरोप न्यायालय द्वारा सिद्ध होने से पहले निशाना बनाया जाए। सर्वाेच्च न्यायलय ने बुलडोजर न्याय को स्पष्ट रूप से अपने 2024 के आदेश में असंवैधानिक ठहराया है।
पीयूसीएल ने जिला प्रशासन एवं एसपी से मांग की कि दबाव में गैर कानूनी कदम न उठाए, किसी मकान को ध्वस्त नहीं करे, नगर के सौहार्द को बनाए रखें, गुंडे तत्वों पर नियंत्रन रखे, संविधान और विधि के शासन का सम्मान करे । साथ
शहर के सौहार्द की हालात पर पूरी निगरानी रखें, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को बढ़ने न दें जिससे उदयपुर का भाईचारा भी कायम रहे।
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