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तीन प्राचीन रथों पर बिराजे नेमीनाथ, नगर परिक्रमा पर निकले, पूरी केसरियानाथ की नगरी को दुल्हन की तरह सजाया

ऋषभदेव.  कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के प्रयूषण पर्व के समापन पर जिनेन्द्र भगवान को नगर भ्रमण कराया गया। दो दिवसीय रथोत्सव कार्यक्रम में पहले...


ऋषभदेव.  कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के प्रयूषण पर्व के समापन पर जिनेन्द्र भगवान को नगर भ्रमण कराया गया। दो दिवसीय रथोत्सव कार्यक्रम में पहले दिन पाटूना चौक पर विराम हुआ।

मेवाड़ और वागड़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान केसरियाजी में श्री दिगम्बर तीर्थ रक्षा कमिटी ओर दिगम्बर जैन समाज द्वारा प्रयूषण पर्व के समापन पर आयोजित दो दिवसीय रथोत्सव में भगवान नेमीनाथ की प्रतीकात्मक बारात के रूप में प्राचीन काष्ठ कला से निर्मित लकड़ी के पुरातन रथों में जिनेन्द्र भगवान को विराजमान कर नगर परिक्रमा पर निकले।

तीर्थ रक्षा कमिटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र मेहता ने बताया कि रथ ठीक चार बजे मुख्य मंदिर से देवस्थान विभाग के बैंड की धुन पर सलामी के बाद चित्तौड़ से आए राजू भाई ढोल वादकों के साथ इसमें समाज के कई वरिष्ठ जन एवं नवयुवक मंडल के साथियों के साथ गाजे बाजे और लाव लश्कर के साथ रवाना हुआ।

निज मंदिर प्रांगण से कस्बे के मुख्य मार्ग जौहरी बाजार, सदर बाजार पहुंचे जहां उपेंद्र अणु दिवाकर त्रिवेदी, प्रशांत जैन, दिलीप भानावत की पूरी टीम ओर बांसवाड़ा से आए सेवन स्टार आर्केस्ट्रा के आंचल गिरीश एवं अन्य कलाकारों द्वारा भजनों ओर गीतों की स्वर लहरियों के साथ युवाओं ओर महिलाओं को गैर नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। यहां से तीनों रथ नेहरू बाजार पहुंचे जहां पर सभी महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा पीरियां यानी पीले वस्त्रों में सजी धजी थी। सभी ने डांडिया गैर खेली उसके पश्चात रथ पटूना चौक होते हुए रात करीब 8 बजे कृष्ण घाट कुंवारिका नदी के तट पहुंचे, जहां सोलह कारण पूजा अर्चना एवं आराधना की गई। वरमाला की बोली के पश्चात बोली दाता द्वारा आरती उतार कर पुनः तीनों रथ भजनों की मधुर ताल के साथ पाटूना चौक पहुंचे यही पर देवस्थान विभाग के बैंड द्वारा अपनी प्रस्तुतियां दी गई। रात 11 बजे तीनों रथों को कांच के मंदिर में देवस्थान विभाग के बैंड की सलामी के साथ विश्राम के लिए भंडार किए गए।

रथोत्सव को लेकर पूरे नगर में लाइटों और फरियों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।

रथोत्सव की पूर्ण सुरक्षा को लेकर पुलिस थाना ऋषभदेव के थानाधिकारी के नेतृत्व में पूरा जाब्ता कस्बे में तैनात रहा। इस अवसर पर ग्राम पंचायत ऋषभदेव द्वारा सभी प्रमुख मार्गो की सफाई करवाई गई। विद्युत विभाग द्वारा भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति रहे इसकी पूर्ण व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर नगर सेठ राजमल कोठारी, तीर्थ रक्षा कमिटी के सदस्य, समाज अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार जैन, महामंत्री प्रदीप गनोडिया समाज के सभी सदस्य नवनीत गड़िया, ललित बोहरा, मुकेश बोहरा,  महिला मंडल की सदस्य, नवयुवक मंडल के साथी, सभी मंचों के सदस्यगण आदि कई समाज के विशिष्ट जन मौजूद थे।

पहले दिन हुआ पाटुना चौक में विराम: पहले दिन की शोभायात्रा का विराम

रात्री 12 बजे पाटूना चौक परिसर में हुआ। पुनः दुसरे दिन इन्ही तीनों रथों को सजा. सॅवारकर कस्बे के मुख्य मार्ग होते हुए मंदिर ऋषभदेव जी जाकर रात्री दो बजे विराम लेगा। जहाँ नगर सेठ राजमल कोठारी के प्रतिष्ठान पर समापन समारोह होगा। जहाँ अच्छा खेलने वाले युवक युवतीयों को पुरस्कृत किया जायेगा।

आज होंगे ये कार्यक्रम : दूसरे दिन रात्रि 8.30 बजे पाटूना चौक से भण्डार धूलेव के जवानों की सलामी के साथ जिनेन्द्र देव की आरती की जायेगी। इसके पश्चात दूसरे दिन की रथ यात्रा की शुरुआत होगी। पाटूना चैक में विशेष गैर आयोजित की जायेगी। जिसमें पगडी धारी पुरुष एवं चुन्दड साडी पहनी महिलाए ही गरबा नृत्य करेगी तथा देर रात्री 1.45 बजे ऋषभदेव मन्दिर पहुँच कर सम्पन्न होगी।

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