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वेद, उपनिषद, गीता व प्राचीन विज्ञान भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार - आशीष सिंहल

उदयपुर: 9 सितंबर. आज गोनका पब्लिक स्कूल उमरड़ा में भारतीय ज्ञान परंपरा व्याख्यान माला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भ...


उदयपुर: 9 सितंबर. आज गोनका पब्लिक स्कूल उमरड़ा में भारतीय ज्ञान परंपरा व्याख्यान माला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन संस्कृति, साहित्य और वैज्ञानिक उपलब्धियों से परिचित कराना रहा।

मुख्य वक्ता मोटिवेशनल स्पीकर आशीष सिंहल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वेद, उपनिषद, गीता और रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन का मार्गदर्शन करने वाले ज्ञानसागर हैं। उन्होंने बताया कि भारत की प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियाँ जैसे – शून्य (0) की खोज, दशमलव पद्धति, ज्योतिष व खगोल विज्ञान, आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति, वास्तुशास्त्र तथा विमान जैसी कल्पनाएँ – विश्व को दिशा देने वाली रही हैं। यह हमारी समृद्ध वैज्ञानिक परंपरा का प्रमाण है।

ध्यान विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने गायत्री मंत्र का गूढ़ अर्थ स्पष्ट कर विद्यार्थियों को ध्यान व एकाग्रता के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान मानसिक शांति, स्मरण शक्ति और आत्मबल बढ़ाने का सर्वोत्तम साधन है।

इस अवसर पर गोपाल कनेरिया ने प्रश्नोत्तरी का संचालन किया। छात्रों ने भारतीय संस्कृति, ग्रंथों और प्राचीन विज्ञान पर आधारित प्रश्नों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता छात्र-छात्राओं को मंच पर पुरस्कृत किया गया। साथ ही सभी विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प भी दिलवाया गया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं संयोजन नवनीत भट्ट ने किया। विद्यालय प्रधान ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कृति और विज्ञान की जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

व्याख्यान माला के संयोजक नवनीत भट्ट ने बताया कि इस प्रकार की व्याख्यान माला विद्यार्थियों के लिए न केवल प्रेरणादायी सिद्ध होगी बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक धरोहर के प्रति उनमें नई चेतना भी जागृत करेगी।

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