स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने, इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के निर्माण और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का दिया गया संदेश उदयपुर। शुभकेसर गार्डन में ...
स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने, इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के निर्माण और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का दिया गया संदेश
उदयपुर। शुभकेसर गार्डन में आयोजित नेक्सनोस निर्माण मेले के दौरान लघु उद्योग भारती के लिए ’’समुत्कर्ष संध्या’’ का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों, उद्यमियों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना रहा। आयोजन में लघु उद्योग भारती से जुड़े बड़ी संख्या में उद्यमी, उद्योग प्रतिनिधि एवं अतिथि उपस्थित रहे।
नेक्सनोस के आयोजक कमलेश शर्मा एवं कंचन शर्मा ने लघु उद्योग भारती के सदस्यों का स्वागत करते हुए मेले की परिकल्पना, उद्देश्य और निर्माण क्षेत्र में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नेक्सनोस निर्माण मेला न केवल नए उत्पादों और तकनीकों को मंच प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम भी है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि लघु उद्योग भारती के निवर्तमान अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उद्यमी मनोज जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि औद्योगिक मेले किसी भी शहर में औद्योगिक वातावरण के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। ऐसे आयोजन न केवल इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि उदयपुर जैसे पर्यटन प्रधान शहर के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है।
जोशी ने ’’राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’’ के शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए श्रेष्ठ समाज निर्माण एवं भारत के उत्कर्ष हेतु दिए गए ’पंचपरिवर्तन’ के सूत्रों की चर्चा की। उन्होंने ’स्वदेशी’ के विचार को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हम स्थानीय उद्यमियों से ही उत्पाद खरीदेंगे, तो इससे क्षेत्रीय उद्योगों को बल मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार होगी।
इस अवसर पर निमारा मार्बल के प्रभाष राजगढ़िया ने अपने उद्बोधन में मार्बल उद्योग में नवाचार और वैल्यू एडिशन के महत्व पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार डिज़ाइन, फिनिशिंग और तकनीकी सुधारों के माध्यम से मार्बल उत्पादों का मूल्य बढ़ाया जा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा संभव हो सके।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा ने संगठन की बढ़ती सदस्य संख्या पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज उद्यमी आगे बढ़कर इस संगठन से जुड़ने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लघु उद्योग भारती की सदस्य संख्या 1000 से अधिक हो चुकी है, जो संगठन की मजबूती और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में निमारा समूह की सोनाक्षी राजगढ़िया ने अपने विचार रखते हुए कहा कि उद्यमियों को केवल व्यवसाय तक सीमित न रहते हुए सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान जैसे क्षेत्रों में उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया।
समुत्कर्ष संध्या के दौरान उद्योगों से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ, नेटवर्किंग के नए अवसर बने और स्थानीय उद्योगों के भविष्य को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ। कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना के साथ हुआ, जिससे उदयपुर के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।

.jpeg)
No comments