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दस दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर में उमड़ा रोगियों का जनसैलाब

19 दिसंबर तक अर्श एवं भगंदर के रोगियों के किए जाएंगे ऑपरेशन डॉ मनोज शर्मा  न्यूरो थेरेपी विशेषज्ञ 19 दिसंबर से देंगे सेवाएं उदयपुर, 17 दिसंब...



19 दिसंबर तक अर्श एवं भगंदर के रोगियों के किए जाएंगे ऑपरेशन

डॉ मनोज शर्मा  न्यूरो थेरेपी विशेषज्ञ 19 दिसंबर से देंगे सेवाएं

उदयपुर, 17 दिसंबर। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत आयुर्वेद विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित दस दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद अंतरंग शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ रविवार को उदयपुर में हुआ। शिविर के चौथे दिन बड़ी संख्या में रोगियों की उपस्थिति रही और रोगियों का तांता लगा रहा।

आयुर्वेद विभाग उदयपुर के उपनिदेशक डॉ. राजीव भट्ट ने बताया कि शिविर के अंतर्गत स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम से अब तक 500 से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है तथा यह प्रक्रिया 23 दिसंबर तक निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि शल्य चिकित्सा विभाग में अर्श एवं भगंदर के 80 रोगियों को भर्ती किया गया है, जिनमें से अब तक 40 से अधिक सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। शेष रोगियों को 19 दिसंबर तक भर्ती कर उपचार किया जाएगा।

शिविर प्रभारी डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि 14 दिसंबर से लेकर चौथे दिन तक ओपीडी के माध्यम से लगभग 2400 रोगियों को उपचार का लाभ दिया जा चुका है। पंचकर्म विभाग में 80 से अधिक रोगियों को विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें कटी बस्ती, जानू बस्ती, शिरोधारा, पत्र पिंड स्वेद, रूक्ष पोटली स्वेद एवं षष्ठि शालि पिंड स्वेद जैसी प्रमुख पंचकर्म विधाएँ शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर को कोटा के प्रसिद्ध न्यूरोथेरेपिस्ट डॉ. मनोज शर्मा द्वारा जोड़ों के दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस, कमर दर्द सहित अन्य रोगों के लिए चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जाएगा।

शिविर के दौरान महिला एवं पुरुष रोगियों के लिए पृथक वार्ड, पंचकर्म कक्ष, शिरोधारा, स्वेदन, अग्निकर्म, औषध वितरण एवं भंडार कक्ष सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

शिविर में सेवाएँ देने वालों में शिविर प्रभारी डॉ. शोभालाल औदिच्य, सहायक शिविर प्रभारी डॉ. संजय महेश्वरी, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. भरत कुमार बंसल, डॉ. ललित सिंह देवड़ा, डॉ. ज्योति सिंह देवल, डॉ. अंकिता सियाल, डॉ. जीत पटेल, डॉ. सतीश गुसर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. पंकज तंवर, डॉ. कविता गुर्जर, डॉ. लोकेश पंचाल एवं डॉ. नितिन सेजू शामिल हैं।

नर्सिंग स्टाफ के रूप में वरिष्ठ कंपाउंडर प्रदीप कुमार व्यास, शंकर लाल मीणा, प्रभुलाल डामोर, शम्भूलाल निनामा, कंचन कुमार डामोर, नर्स सेफाली पारगी, किरण कुमार गर्ग, कन्हैया लाल नागदा, चंद्रेश परमार, हेमंत कुमार, नर्स वंदना शक्तावत, नर्स अंजना बारोट, इंद्रा मीणा, पुष्पा चाष्टा, मयंक पलसानिया, ललित कुमार कलाल, भगवती लाल लोधा, सुरेंद्र कुमार रेगर एवं त्रिलोचना अहारी सेवाएँ दे रहे हैं।

इसके अतिरिक्त परिचारक सोमाराम मेघवाल, मोहन लाल, रविन्द्रसिंह सोलंकी, निर्भयसिंह भाटी, करन सिंह, कमलेश कुमार, बंसीलाल, दुर्गा भील, मेवा देवी, देवीलाल मेघवाल एवं लालूराम गमेती द्वारा भी शिविर में सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।


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