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जनाना चिकित्सालय के जर्जर भवन पर एक और फ्लोर बनाने के मामले में एसीबी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एनएचएम मिशन निदेशक ने एसीबी को लिखा पत्र आईआईटी रूडकी ने बताया अनुपयोगी भवन पर बनाया है एक अत...

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एनएचएम मिशन निदेशक ने एसीबी को लिखा पत्र

आईआईटी रूडकी ने बताया अनुपयोगी भवन पर बनाया है एक अतिरिक्त फ्लोर

उदयपुर। महाराणा भूपाल चिकित्सालय की जनाना चिकित्सालय भवन के जर्जर होने के बाद भी करोड़ों रूपए खर्च कर इसके उपर एक फ्लोर ओर बनाकर मरीजों ही जान जोखिम में डालने वाले अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच करेगी। शहर विधायक ताराचंद जैन के लगातार प्रयासों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश दिए है।

जानकारी के अनुसार जनाना चिकित्सालय का भवन करीब 50 वर्षों से भी अधिक समय पुराना है। इसमें भूतल और प्रथम तल वर्षों पुराना है। बाद में प्रसुताओं की संख्या बढऩे और जगह कम पडऩे पर जनाना चिकित्सालय की सुविधाओं के विस्तार का निर्णय किया गया। एमबी चिकित्सालय के अधिकारियों और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जनाना चिकित्सालय के जर्जर भवन की स्थिति की जानकारी थी इसके बाद भी इसी भवन पर एक ओर फ्लोर निर्माण करने का तय किया और टेण्डर कर दिया। सरकार ने भी अधिकारियों की सिफारिश पर करोड़ों रूपए खर्च कर इस बिल्डिंग पर एक ओर फ्लोर का निर्माण करवा दिया। भवन बनने के कुछ ही समय बाद यह भवन दरकने लगा और बैठक लेने लगा, जिससे भवन के गिरने की संभावना हो गई और जनहानि की संभावना को देखते हुए आनन-फानन में इस भवन को खाली करवाया और प्रसुताओं को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया। पन्नाधाय चिकितसालय के जर्जर भवन को गिराने बजाए इसके उपर एक फ्लोर ओर बनाने के मामले विवाद खड़ा हुआ तो इसकी विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। इस दौरान विभाग ने आईआईटी रूडकी को पत्र लिखकर इस भवन की वस्तु स्थिति बताने के लिए कहा तो आईआईटी रूडकी की टीम ने यहां का दौरा कर अपनी रिपोर्ट में इस भवन को बेहद ही जर्जर अवस्था में होना बताकर इस भवन को तत्काल गिराने की सलाह दी और साथ ही इसके उपर बने सैकंड फ्लोर के निर्माण को भी गलत बताया। एक विभागीय जांच में तो यह बताया कि भवन करीब 60 वर्ष पुराना है और इसे तत्काल गिराकर नया बनाना चाहिए। वहीं अभी तक इसमें किसी भी अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं की थी। सरकार को करोड़ों रूपए का नुकसान करने पर उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने इस मामले को विधानसभा में उठाया और जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। इसके बाद भी शहर विधायक ताराचंद जैन लगातार सरकार के मंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर इसमें प्रभावी कार्यवाही की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इस मामले में जांच करवाने के आदेश जारी किए है। सरकार के निर्देश पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों के महानिदेशक को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच करने के लिए पत्र लिखा है। इधर शहर विधायक ताराचंद जैन का कहना है कि अनुपयोगी भवन पर सरकार के करोड़ों रूपए लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होने से अन्य अधिकारियों को भी सबक मिलेगा।

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