प्रसिद्ध ड्रमर शिवमणि के डंके से गूंजी धर्मलहरियां, एकलिंगजी शिव महापुराण कथा का समापन जगद्गुरू देव से बिछुड़ते श्रद्धालुओं के छलके आंसू उदय...
प्रसिद्ध ड्रमर शिवमणि के डंके से गूंजी धर्मलहरियां, एकलिंगजी शिव महापुराण कथा का समापनजगद्गुरू देव से बिछुड़ते श्रद्धालुओं के छलके आंसू
उदयपुर। मीरा नगर में कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु पूज्यपाद श्री वसंत विजयानन्द गिरी जी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित श्री महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन यज्ञ, पूजा साधना महामहोत्सव और भगवान एकलिंगजी शिव पुराण कथा का धूमधाम से सोमवार रात्रि समापन हुआ।
समिति के अध्यक्ष नानालाल बया, महामंत्री देवेन्द्र मेहता ने बताया कि कथा में जगद्गुरु श्री वसंत विजयानन्द गिरी जी महाराज ने कहा कि यदि आप क्षमतावान हैं तो सही दिशा में खर्च करने में कंजूसी न करें। समृद्धि आकर्षित होती ही रहेगी। आमतौर पर समृद्ध लोग भी सोना चांदी जैसी वस्तुएं खरीदने या मॉल में जाते हैं तब तो कोई मोलभाव नहीं करते और जैसे ही किसी गरीब सब्जी, फल, या अन्य सामग्री बेचने वाले के पास जाएंगे तो खूब मोलभाव करेंगे। महिलाओं की ऐसी आदत ज्यादा है। गरीब से ठगे जाओगे तो ईश्वर खुश ही होगा। गरीब से मोलभाव मत कीजिये। ईश्वर की कृपा खूब बरसेगी। कभी भी कुछ खरीदो तो खुश होकर भुगतान करो। चीजों की कीमत पैसों से नहीं उसके आनंद से होती है।
जगद्गुरु देव ने कहा कि अपने आभामण्डल को बेहतर बनाने के लिए सभी को प्राणायाम जरूर करना चहिये। गुरूदेव ने सुंदर जीवन शैली के लिए श्रद्धालुओं को कई टिप्स भी दिए। आपने कहा कि घर का मुख्य दरवाजा कभी खराब या टूटा नहीं होना चाहिए। यह कुलदेवता का स्थान है। घर का वास्तु बिगड़ा तो घर बिगड़ा और वास्तु सुधारा हो तो घर सुधरता है। एक ग्लास में पानी भरकर उसमें थोड़ा नमक और हल्दी बिना घोले डाल दें। घर के ईशान कोण में रखें। दूसरे दिन यह पानी काला नीला हो जाये तो मानिए घर पर नकारात्मकता हावी है। रोजाना यह प्रयोग तब तक करते रहें जब तक पानी मे हल्दी नमक का रंग वास्तविक दिखाई देने लगे। आपने शरीर और चेहरे के हर अंग की गृह नक्षत्र के अनुसार महत्ता बताई। गुरूदेव ने बताया पैसे को इस तरह हेंडल कीजिये जैसे ऊर्जा को हेंडल किया जा रहा हो। यह द्विगुणित होकर लौटेगा। जहां सुगंध है वहां लक्ष्मी है, जहां दुर्गंध है वहां दरिद्रता आती है। हमेशा अपने विचारों को समृद्ध रखें, समृद्धि जरूर आएगी। नौ दिवसीय महोत्सव में गुरूदेव श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज से श्रद्धालु इस तरह जुड़ गए कि बिछुड़ते पलों में कई महिला पुरूषों की आंखों में अश्रुधारा बह रही थी।
ड्रमर शिवमणि ने दी शानदार प्रस्तुति :
विश्वविख्यात ड्रमर शिवमणि द्वारा कथा के समापन अवसर पर उपस्थित होकर कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री वसंत विजयानन्द गिरी जी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद संगत देते कलाकारों के साथ कई भजनों पर गजब का ड्रम वादन किया। श्रद्धालु मुग्ध होकर ड्रम की गूंज सुनते रहे, कई श्रद्धालु झूमते नाचते रहे। गुरुदेव के हाथों शिवमणि को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कृष्णगिरी शक्तिपीठ की ओर से श्री शंकेश जैन ने शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर शिवमणि ने कहा कि यह चमत्कार ही है कि उदयपुर आना हुआ और गुरूदेव के दर्शनहो गए। गौरतलब है कि जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज के प्रत्येक कार्यक्रम में शिवमणि प्रस्तुति देने आते हैं। वे विश्व के विभिन्न देशों में प्रस्तुतियां देते हैं। कई अंतरराष्ट्रीय अवार्ड उन्हें प्राप्त हैं। विश्वप्रसिद्ध संगीतकार एआर रहमान के साथ कई फिल्मों के हिट गानों में उन्होंने ड्रम प्ले किया है।
प्रबुद्धजनों ने लिया गुरूदेव का आशीर्वाद :
कथा के समापन अवसर पर भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री प्रमोद सांभर, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री भंवरसिंह पंवार, देवस्थान विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर हेडक्वार्टर श्री केके खंडेलवाल, असिस्टेंट कमिश्नर देवस्थान विभाग श्री जतीन गांधी आदि ने पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी का चरण वंदन कर आशीर्वाद लिया। महोत्सव आयोजन समिति की ओर से कार्यकारिणी अध्यक्ष नानालाल वया, महामंत्री देवेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष मुकेश चेलावत आदि ने अतिथियों का माला पहनाकर, स्मृतिचिन्ह भेंटकर अभिनन्दन किया।


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