तीन दिवसीय उदयपुर टेल्स स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल- रविवार को अंतिम दिन उदयपुर। शहर में बच्चों की रचनात्मकता और सोच को नई दिशा देने के उद्देश्य...
तीन दिवसीय उदयपुर टेल्स स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल-रविवार को अंतिम दिनउदयपुर। शहर में बच्चों की रचनात्मकता और सोच को नई दिशा देने के उद्देश्य से मां माय एंकर फाउण्डेशन की ओर से शिल्पग्राम रोड़ स्थित पार्क एक्जोटिका में आयोजित उदयपुर टेल्स के तहत तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग कार्यक्रम के दूसरे दिन आज बच्चों के बालमन ने तन्मयतापूर्वक सुपी गयी कहानियों से जिम्मेदारी एवं कर्तव्य बोध का पाठ सीखा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए रहस्य, रोमांच और लव लाइफ से जुड़ी रोचक कहानियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कहानियों के माध्यम से बच्चों को न केवल मनोरंजन मिला, बल्कि जीवन के प्रति जिम्मेदारी, भावनात्मक समझ और आपसी संबंधों के महत्व का भी बोध कराया गया। स्टोरी टेलिंग में बच्चों ने प्रेरणादायी सन्देशो के साथ ही जम कर मनोरंजन भी किया जिससे कार्यक्रम और लाजवाब बन गया। कार्यक्रम के अन्त में बच्चों ने झूम कर डांस भी किया जिससे उनमें अलग ही ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम का संचालन संचालन श्रुति मंत्री ने किया।
स्टोरी टेलिंग के दूसरे दिन की शुरुआत शोना मल्होत्रा की दो कहानियों द माउंटेन डेथ लव अर्थ एवं मुजिया मगू से हुई। पहली कहानी लव लाइफ पर तो दूसरी कहानी भूत पर केंद्रित थी। इन दोनों कहानियों को सुनने के दौरान बच्चें एक ऐसी रहस्य और रोमांच की दुनिया में खो गए कि जैसे उन्हें लग रहा था कि जो कुछ भी वह सुन रहे हैं वह देखने के साथ महसूस भी कर रहे हैं। कहानी सुनने के दौरान बच्चों ने कई बार मस्ती में ऐसा शोर मचाया कि कहानी का पूरा संसार गूंज उठा।
फाउण्डेशन की संस्थापक सुष्मिता सिंघा ने बताया कि दोनों कहानियों से बच्चों में यह संदेश देने की कोशिश की कि प्यार जबर्दस्ती से नहीं बल्कि प्यार प्यार के तरीके से ही होता है। प्यार में कभी जल्दबाजी नहीं होती बल्कि प्यार एक विश्वास का नाम है और इसमें धैर्य की बहुत जरूरत होती है। प्यार में किसी को पाने के लिए कोई भी उल्टा सीधा काम और झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए। प्यार के लिए विश्वास और समर्पण बहुत जरूरी है। कभी भी भूत, तंत्र मंत्र और वशीकरण का सहारा नहीं लेना चाहिए।
मैया गनात्रा ने लोक साहित्य पर आधारित सुनाई गई फोक रोल कहानी से भी बच्चे खूब मस्ती में डूब गए। कहानी के माध्यम से बच्चों को हिम्मत हौसले के संदेश के साथ ही खूब मनोरंजन भी मिला।
उदयपुर टेल्स के सह संस्थापक सलिल भण्डारी ने बताया कि कहानीकार राजेश शिन्दे ने अपनी कहानी गोपी गाइन की शुरुआत मजाकिया अंदाज में इस गीत से की... आओ बच्चों तुम्हें सुनंाएं कहानियां करीब से,कहानियों में दुनियाभर के किस्से हैं अजीब है। उन्होंने गोपी गाईन,उपेन्द्र बाघा बाईंन कहानियों को माध्यम से बच्चों का जमकर मनोरंजन किया। उन्होंने अपनी कहानी के माध्यम से बच्चों को संदेश देने की कोशिश की कि अगर आपका दिल अच्छा है मन अच्छा है और भाव अच्छे हैं तो आपका कोई भी काम रुक नहीं सकता। आज दोपहर में जमघट में गृहणियंा, काॅलेज की छात्रायें,अज्ञात साथियों के लिये कहानी सुनानें की प्रतियोगितायें आयोजित की गई। सिर्फ महिलाओं के लिये आयोजित में डाॅ.नेहा दमानी व डाॅ. गरिमा मिश्रा ने दो लघु कहानियंा प्रस्तुत की। ओपन माइक सेशन रहा। अरूण सालवी ने गानों की प्रस्तुति दी। जमघट में जिसके विजेताओं को आज सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मास्टर स्टोरीटेलर्स लोक श्रेणी पद्मश्री परशुराम गंगावने व समसामयिक श्रेणी में वेलेंटीना त्रिवेदी को सम्मानित किया गया। जूरी सदस्य संध्या जैन,अमिताभ श्रीवास्तव व पृथ्वीराज चैधरी थे। शाम से लेकर रात तक थियेटर निर्देशक दानिश हुसैन ने किस्सेबाजी के तहत तिलिस्म-ए-होशरूबा,कर्नल आर.क.ेशर्मा ने कहानी वीर,बाॅलवुड कलाकार आरिफ जकारिया ने रोमांटिक प्रेम कहानी रिक्शा के माध्ण्यम से सभी का मनोरंजन किया। उन्हेांने बताया कि प्रेम जीवन का अटूट हिस्सा है। भारतीय अभ्ज्ञिनेता व गायक मेयांग चंाग ने बैण्ड के जरिये स्वतंत्र संगीत की दी गई प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
सुष्मिता सिंघा ने बताया कि तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल का रविवार को अंतिम दिन है। महोत्सव के अंतिम दिन की शुरूआत गीतिका लिडर आत्मकथा के रूप में एक सैनिक की पत्नी का जीवन नामक कहानी, ज्योति पांडे शास्त्रीय महाकाव्य के रूप में उर्मिला कहानी, मिक्का चेसरोन इजरायली पौराणिक कथा योना और व्हेल प्रस्तुत करेंगे। दोपहर को जेल यूनिवर्सिटी बैंड की प्रस्तुति होगी। शाम को साढ़े पंाच बजे से पृथ्वीराज चैधरी जीवन का हिस्सा के तहत कहानी जीवन का हिस्सा, दिव्या दत्ता आत्मकथा के रूप में कहानी आत्मकथा, विजय कुमार हास्य व्यंग्य बिहार में चुनाव की प्रस्तुति देंगे। भारतीय संगीतकार और बाघ संरक्षणवादी अभिषेक रे, बाघ के अवैध शिकार पर एक कहानी प्रस्तुत करेंगे। रात्रि को आंचल श्रीवास्तव सूफी कव्वाली की प्रस्तुति देगी।
किसी से असहमत होने पर हम उसकी गरिमा पर चोट कर देते- थियेटर निर्देशक दनिश हुसैन ने कहा कि नेरेटिव जीवन में बहुत आवश्यक है। उसके बिना जीवन अधूरा है।यदि हम किसी व्यक्ति की बात से असहमत है तो हम उसकी गरिमा पर चोट कर देते है। ऐसा नहीं होना चाहिये। कहानी हमें अपने जीवन का आईना दिखाती है। कोई उसे सकारात्मक रूप में लेता है तो कोई नकारात्मक रूप में। यह कहानी समझने वाले व्यक्ति की नीयत पर निर्भर करता है।
हमें नेरेटिव से यह समझना होगा कि हम अपनी आने वाली नस्ल को क्या देकर जाना चाहते है। हमें उसे बेहतर समाज देना चाहते है या बदतर। उन्होंने कहा कि उदयपुर के श्रोताओं में कहानी सीखनें एवं उसे समझनें की भूख है और यह बहुत अच्छी बात है। थियेटर समाज का ही एक अंग है। कला का समाज में बहुत महत्व है। वह हमारी सोच के दायरे को बढ़़ा देता है।



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