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सिन्धी भाषा एवं संस्कृति मान्यता दिवस पर 12 अप्रैल को होगा आयोजन

उदयपुर। श्री सनातन धर्म मंदिर शक्तिनगर मे भारतीय सिन्धु सभा, उदयपुर के कोर कमेटी के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक सिन्धु सभा के संरक्...


उदयपुर। श्री सनातन धर्म मंदिर शक्तिनगर मे भारतीय सिन्धु सभा, उदयपुर के कोर कमेटी के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक सिन्धु सभा के संरक्षक नानकराम कस्तूरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि सिन्धी सेन्ट्रल युवा सेवा समिति, राष्ट्रीय भाषा विकास परिषद, एवं शहीद हेमू कालाणी युवा मंच की सहभागिता से भारतीय सिन्धु सभा उदयपुर द्वारा रविवार 12 अप्रैल को सिन्धी भाषा एवं संस्कृति मान्यता दिवस श्री सनातन धर्म मंदिर शक्तिनगर मे प्रातःकाल 10.30 बजे मनाया जाएगा।

सिन्धु सभा के अध्यक्ष गुरमुख कस्तूरी एवं महामंत्री विजय आहुजा ने बताया कि आयोजन मे सिंधियत की पहचान सिन्धी गीत,लाढे,नाटक, नृत्य द्वारा सिन्धीयत की रोशनी फैलाई जाएगी।सारा वातावरण सिन्धमय होगा सिन्धु सभा के उपाध्यक्ष मुकेश खिलवानी एवं चंद्रप्रकाश मगवानी ने बताया कि सिन्धु सभा के सलाहकार प्रताप राय चुग ने अपने विचार रखते हुए बताया कि 10 अप्रैल 1967 को भारत सरकार ने संविधान की आठवीं अनुसूची मे सिन्धी भाषा को मान्यता प्रदान की थी।यह सिन्धी समाज के लिए गर्व की बात है। सिन्धु सभा कै प्रदेश संरक्षक सुरेश कटारिया एवं संभाग प्रभारी प्रकाश फुलानी ने कहा कि इस अवसर पर सिन्धी भाषा की महता हर सिन्धी युवा को बताना एवं प्रत्येक सिन्धी परिवार को अपनी प्राचीन संस्कृति एवं सभ्यता से जोड़ने का अवसर है।

सिन्धु सभा के किशोर पाहुजा एवं दीपक रंगवानी ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि सिन्धी भाषा एवं संस्कृति को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सिन्धु सभा द्वारा प्रति वर्ष ग्रिष्म अवकाश मे 5 वर्ष से 15 वर्ष के बच्चों को सिन्धी भाषा एवं संस्कृति का ज्ञान प्रदान करने के लिए 30 दिवसीय सिन्धी कक्षाएं लगाई जाती है। बैठक मे मोहिनी साधवानी दिलीप कालरा, भगवान दास सचदेव, सुरेश खुराना, जितेन्द्र कालरा,कमल तलरेजा, प्रेम तलरेजा,आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सभा के प्रदेश संरक्षक सुरेश कटारिया ने किया आभार महिला ईकाई उपाध्यक्ष मोहिनी साधवानी ने दिया।


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