उदयपुर, 11 अप्रैल। उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के विरुद्ध एक बड़...
उदयपुर, 11 अप्रैल। उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने शादी समारोहों में मेहमान बनकर कीमती जेवरात उड़ाने और बैंकों के बाहर ग्राहकों की रेकी कर लूटपाट करने वाली मध्य प्रदेश की कुख्यात 'कड़िया सांसी' गैंग का भंडाफोड़ किया है।
इस ऑपरेशन के तहत 10,000-10,000 रुपये के दो इनामी बदमाशों विकास सांसी (26) और नकुल सांसी (24) निवासी कड़िया सांसी (राजगढ़) मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए बदमाशों ने राजस्थान समेत देशभर के विभिन्न राज्यों में 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
घटनाक्रम के अनुसार 11 मार्च 2026 को उदयपुर के महाप्रज्ञ विहार स्थित तेरापंथ भवन में एक शादी समारोह आयोजित था। जब प्रार्थी नरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी गेट पर मेहमानों का स्वागत कर रहे थे, तभी गिरोह के सदस्य शातिर तरीके से मेहमान बनकर अंदर दाखिल हुए। मौका पाकर बदमाशों ने प्रार्थी के पास रखा काले रंग का बैग पार कर दिया, जिसमें दुल्हन के लिए बनवाए गए करीब 40 लाख रुपये के बहुमूल्य सोने-चांदी के आभूषण थे। अचानक हुई इस बड़ी चोरी से समारोह में हड़कंप मच गया, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. अमृता दुहन ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और डीएसपी राजेश यादव के मार्गदर्शन में सुखेर थानाधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पाया कि वारदात के पीछे राजगढ़ (एमपी) की कड़िया सांसी गैंग का हाथ है। पुलिस टीम ने कई दिनों तक मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया सांसी और गुलखेड़ी गांवों में डेरा डाला और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने दबिश देकर दोनों इनामी बदमाशों को घेराबंदी कर धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान भागने के प्रयास में आरोपी गिरकर चोटिल भी हुए।
40 लाख की शत-प्रतिशत रिकवरी और वारदातों का खुलासा
पुलिस की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि प्रार्थी के चोरी हुए 40 लाख रुपये के संपूर्ण आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे देशभर के मैरिज गार्डनों और बैंकों के बाहर रेकी कर वारदात करते थे। आरोपी विकास सांसी के खिलाफ सवाई माधोपुर, बूंदी, सीकर, राजसमंद और विशाखापट्टनम जैसे शहरों में दर्जनों मामले लंबित हैं। वहीं, आरोपी नकुल सांसी के खिलाफ टोंक, जालौर, राजकोट, डीडवाना और हरियाणा में चोरी, लूट और राजकार्य में बाधा के करीब 16 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में सुखेर थानाधिकारी भरत योगी के साथ सउनि नारायणसिंह, हैड कांस्टेबल श्रवण कुमार, कांस्टेबल शम्भूराम, अचलाराम, रामकुंवार और प्रकाश की विशेष भूमिका रही। साथ ही तकनीकी सहयोग में साइबर सेल के कांस्टेबल लोकेश रायकवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कड़िया सांसी गैंग के ये सदस्य बेहद शातिर हैं और पूर्व में भी कई बार गिरफ्तारी के दौरान ये और इनके परिजन पुलिस टीमों पर हमला कर चुके हैं, लेकिन उदयपुर पुलिस की सूझबूझ और अदम्य साहस ने इन्हें सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य राज्यों में की गई वारदातों के संबंध में विस्तृत अनुसंधान कर रही है।
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