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तिलहनी फसलो की उन्नत उत्पादन तकनीकी पर प्रशिक्षण का आयोजन

उदयपुर, 29 मई । कृषि विज्ञान केन्द्र चित्तौडगढ में एक दिवसीय अनुसूचित जाति कृषक प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 29 मई, 2026 को किया गया। कृषि विज्...


उदयपुर, 29 मई । कृषि विज्ञान केन्द्र चित्तौडगढ में एक दिवसीय अनुसूचित जाति कृषक प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 29 मई, 2026 को किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा आयोजित एवं भाकृअनुप-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान), हैदराबाद द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षण तिलहनी फसलो की उन्नत उत्पादन तकनीकी पर आधारित था जिसमें जिले की विभिन्न पंचायत समितियो के सहनवा, नारेला आदि गाँवों से कुल 39 कृषक एवं कृषक महिलाओ ने भाग लिया। कृषक एवं कृषक महिलाओ को भाकृअनुप-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद द्वारा बैटरी चालित स्प्रेयर मशीन एवं पाइप का वितरण किया गया।

डॉ. रतनलाल सोलंकी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने तिलहनी फसलो के माध्यम से समन्वित कृषि प्रणाली द्वारा आय में बढ़ोतरी कैसे करें एवं साथ ही किसानों को तिलहनी फसलो में समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन का महत्व एवं आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी, पौधों पर पोषक तत्व की कमी के लक्षण एवं कमी को पूरा करने के उपाय के बारे में तकनीकी जानकारी दी। साथ ही सोयाबीन, मूंगफलीव तिलहनी फसलो की उन्नत उत्पादन तकनीकी को अपनाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते है ताकि किसानो की आय में इजाफा हो सके। मृदा स्वास्थ्य हेतु जैविक खादों का प्रयोग, वर्मी कम्पोस्ट बनाने की विभिन्न विधिया व जैविक खाद वर्मीवाश तैयार करने की प्रायोगिक जानकारी दी। डॉ. शंकर लाल जाट, सयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, चित्तौड़गढ़ ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओ एवं अनुदानो के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड का महत्व, प्राकृतिक खेती एवं तिलहन फसलो के बीज उत्पादन से आय कैसे बढ़ाये उसके बारे में बताया।

श्री संजय कुमार धाकड, कार्यक्रम सहायक ने कृषक एवं कृषक महिलाओं को कृषि विज्ञान केन्द्र की सजीव इकाईयां का भ्रमण कराया तथा तिलहनी फसलो में खरपतवार नियत्रण, कीटो व बिमारियो के नियत्रण के उपाय के तरीके बताये। अन्त में संजय कुमार धाकड ने अतिथियो, कृषक एवं कृषक महिलाओ को धन्यवाद ज्ञापित किया।


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