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रासलीला और राधा-रुक्मणी विवाह प्रसंग से भक्तिमय हुआ कथा पंडाल, छप्पन भोग महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र

श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, 16 जून के भव्य धार्मिक जुलूस में सहभागिता का आह्वान उदयपुर। श्री तैलिक साहू समाज पंच महासभा (छः बैठक) द्व...


श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, 16 जून के भव्य धार्मिक जुलूस में सहभागिता का आह्वान

उदयपुर। श्री तैलिक साहू समाज पंच महासभा (छः बैठक) द्वारा पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर माहेश्वरी सेवा सदन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष और भक्ति रस से सराबोर रहा, जहां बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महासभा के अध्यक्ष एडवोकेट हेमेन्द्र पण्डियार ने बताया कि आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जसोदा बहन मोदी एवं उनके भाई अशोक मोदी उपस्थित रहे। समाज के पदाधिकारियों ने दोनों अतिथियों का पारंपरिक स्वागत एवं अभिनंदन कर सम्मानित किया।
कथावाचक परम पूज्य अनन्तराम शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए रासलीला, गोपियों के प्रेम तथा राधा-रुक्मणी विवाह प्रसंग की मनोहारी व्याख्या प्रस्तुत की। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए और पूरा पंडाल आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम संयोजक चंद्रशेखर दशोरा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में आयोजित यह कथा महोत्सव साहू समाज की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बन गया है। समाज के सभी वर्गों की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बना रही है।
महामंत्री कन्हैयालाल नैणावा ने समाजबंधुओं से 16 जून को आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक जुलूस में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी समाजजन अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर धर्म और समाज के इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में योगदान दें।
कोषाध्यक्ष भरत पचलोडिया ने बताया कि कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की ओबीसी प्रदेश प्रवक्ता प्रेमदेवी हाड़ा का भी स्वागत एवं सम्मान किया गया। वहीं कथा संयोजक जगदीश चन्द्र पण्डियार ने बताया कि आज आयोजित छप्पन भोग महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भगवान को अर्पित विविध व्यंजनों के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ प्राप्त किया।
भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश देता यह भागवत कथा महोत्सव प्रतिदिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रहा है।

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