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VCD College में INIFD एवं BRDS के शैक्षणिक सहयोग का शुभारंभ, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया उद्घाटन

उदयपुर। VCD College of Designing में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासन के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने INI...



उदयपुर। VCD College of Designing में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासन के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने INIFD, BRDS एवं VCD College of Designing के शैक्षणिक सहयोग का विधिवत उद्घाटन किया।

महाविद्यालय परिसर में आगमन पर उनका पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के अनुसार ढोल, तिलक, पुष्पगुच्छ एवं साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ। तत्पश्चात VCD College of Designing के निदेशक अंकुर मेहता एवं निदेशिका श्रीमती सुलभा मेहता द्वारा राज्यपाल का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन्हें छात्रा धानश्वी मेहता द्वारा निर्मित विशेष चित्र-प्रतिमा (पोर्ट्रेट) तथा श्रीनाथजी की आकर्षक पेंटिंग भी भेंट की गई।

समारोह में INIFD चंडीगढ़ से श्रीमती अनीता कौशिक, मानव कौशिक एवं भानु शर्मा, BRDS से डॉ. भंवर राठौड़, INIFD अहमदाबाद से एस. भंसाली एवं श्रीमती प्रीति भंसाली सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का भी सम्मान किया गया।

इसके उपरांत राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, श्रीमती अनीता कौशिक, डॉ. भंवर राठौड़, श्री एस. भंसाली एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

समारोह का मुख्य आकर्षण INIFD, BRDS एवं VCD College of Designing के मध्य शैक्षणिक सहयोग (Educational Collaboration) का औपचारिक उद्घाटन रहा, जिसका शुभारंभ राज्यपाल द्वारा रिबन काटकर किया गया। इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल आधारित एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

कार्यक्रम के दौरान 15 विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने महामहिम के कर-कमलों से सम्मान प्राप्त कर अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल ने सभी प्रमुख अतिथियों के साथ शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन के विषय पर विचार-विमर्श किया तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपने सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि शैक्षणिक संस्थानों को ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने चाहिए, जिनसे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में वृद्धि हो तथा वे उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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