व्यवसायिक रंजिश में विरोधी मेडिकल संचालक ने रची थी जेल भिजवाने की साजिश; पड़ोसी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से खुला राज उदयपुर 25 जुलाई। जिले के...
व्यवसायिक रंजिश में विरोधी मेडिकल संचालक ने रची थी जेल भिजवाने की साजिश; पड़ोसी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से खुला राज
उदयपुर 25 जुलाई। जिले के सायरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सतर्कता और निष्पक्ष जांच का परिचय देते हुए एक निर्दोष व्यक्ति को झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार एएसपी मुकुल शर्मा और सीओ गिर्वा गोपाल चंदेल के सुपरविजन में सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने एक मेडिकल संचालक को फंसाने के आरोप में महिला समेत कुल 05 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जिला एसपी डॉ दुहन ने बताया कि मामले की शुरुआत 21 जुलाई 2026 को हुई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सायरा-भानपुरा रोड स्थित कृष्ण मेडिकल पर अवैध मादक पदार्थ मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने दबिश देकर वहां से 1.230 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया। हालांकि जब पुलिस ने मेडिकल दुकान के संचालक महेश हड़िया से गहन पूछताछ की और सच्चाई जानने के लिए पड़ोस की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले, तो कहानी पूरी तरह बदल गई। फुटेज में एक संदिग्ध महिला दुकान के अंदर चुपके से सफेद रंग का कट्टा रखकर बाहर जाती हुई साफ नजर आई।
व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता में रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि भानपुरा रोड पर ही दूसरा मेडिकल चलाने वाले आरोपी गोपाल कुमार की महेश हड़िया से आपसी कहासुनी और व्यापारिक रंजिश चल रही थी। महेश के बढ़ते काम से खुन्नस खाकर उसे रास्ते से हटाने और जेल भिजवाने के लिए गोपाल कुमार ने अपने दोस्त पदमाराम के साथ मिलकर यह खतरनाक प्लान बनाया। योजना के तहत पदमाराम के कहने पर बाबला नामक व्यक्ति अवैध गांजा लेकर आया। इसके बाद पदमाराम के इशारे पर लीला बाई और उसके पति अशोक उर्फ आशाराम ने महेश के मेडिकल स्टोर के अंदर छिपकर गांजे की थैली रख दी और खुद ही पुलिस को फर्जी मुखबिरी कर दी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए षड्यंत्र में शामिल सभी पांचों आरोपियों लीला बाई, उसके पति आशाराम उर्फ अशोक, पदमाराम, बाबला निवासी ज्वारवाला थाना सायरा और मुख्य षड्यंत्रकारी गोपाल कुमार निवासी भानपुरा रोड सायरा जिला उदयपुर को गिरफ्तार कर लिया है।
निर्दोष को न्याय दिलाने और साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे भेजने में सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह, गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह, हेड कांस्टेबल रामदयाल तथा कांस्टेबल रूपाराम, धर्मेंद्र, लोकेंद्र सिंह, निम्बाराम, पुष्पराम, सत्यनारायण और योगेंद्र सैन की विशेष भूमिका रही। आरोपियों से आगे की जांच जारी है।
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