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नाथद्वारा नगर सीमा में मांस, मछली, अंडा एवं मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग

श्रीनाथजी की आस्था के नाम पर धन जुटाने से पहले उनकी नगरी की धार्मिक आत्मा की रक्षा करे सरकार उदयपुर/नाथद्वारा 11 श्रनसल। पुष्टिमार्गीय वैष्ण...

श्रीनाथजी की आस्था के नाम पर धन जुटाने से पहले उनकी नगरी की धार्मिक आत्मा की रक्षा करे सरकार

उदयपुर/नाथद्वारा 11 श्रनसल। पुष्टिमार्गीय वैष्णव सम्प्रदाय के विश्वविख्यात आस्था केंद्र एवं प्रभु श्रीनाथजी की पावन नगरी नाथद्वारा को पर्यटन एवं विकास के नाम पर प्रस्तावित टेम्पल बॉण्ड के माध्यम से धन जुटाने से पहले “पवित्र नगर (भ्वसल ब्पजल)” घोषित करने की मांग राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन ने पूरी मजबूती से उठाई है।

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन  राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि “जिस प्रभु श्रीनाथजी की विश्वव्यापी आस्था, धार्मिक प्रतिष्ठा और नाथद्वारा की पहचान के आधार पर राजस्थान सरकार पर्यटन विकास के लिए टेम्पल बॉण्ड से धन जुटाने की योजना बना रही है, उस नगरी की धार्मिक पवित्रता की रक्षा करना राजस्थान सरकार की पहली जिम्मेदारी है। हमारी स्पष्ट मांग है पहले नाथद्वारा को पवित्र नगर घोषित करो, फिर उसके नाम पर पर्यटन बॉण्ड से धन जुटाओ।”. पुष्कर, हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, तिरुपति और पालिताना जैसे प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों की धार्मिक मर्यादा के संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्थाएं हैं, तो उत्तर भारत के प्रमुख वैष्णव तीर्थ नाथद्वारा की पवित्रता को आधिकारिक संरक्षण क्यों नहीं?.

नाथद्वारा को पर्यटन एवं गंतव्य विकास के लिए बॉण्ड आधारित वित्तीय मॉडल से जोड़ने की योजना सामने आने के बाद राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन ने अपनी मांग को और अधिक प्रासंगिक बताते हुए कहा है कि नाथद्वारा की धार्मिक पहचान केवल आर्थिक संसाधन जुटाने का माध्यम नहीं बन सकती। जिस धार्मिक पहचान के कारण नाथद्वारा का विश्वव्यापी महत्व है, उस पहचान और पवित्रता के संरक्षण की जिम्मेदारी भी सरकार को स्वीकार करनी होगी।

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा, “श्रीनाथजी हमारी आस्था हैं, कोई व्यावसायिक ब्रांड नहीं। सरकार नाथद्वारा का विकास करे, विश्वस्तरीय सुविधाएं बनाए और पारदर्शी तरीके से संसाधन जुटाएकृहम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन जिस पवित्र धार्मिक पहचान के कारण नाथद्वारा का वैश्विक महत्व है, उसी नगरी में मांस-मदिरा की खुलेआम बिक्री होने देना और दूसरी ओर उसी धार्मिक पहचान के आधार पर धन जुटाना एक गंभीर विरोधाभास है।”

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित देश और विदेश से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में सनातनी एवं वैष्णव महिला-पुरुष श्रद्धालु भगवान श्रीनाथजी के दर्शन के लिए नाथद्वारा पहुंचते हैं। संगठन के अनुसार यह संख्या लगभग 80 लाख प्रतिवर्ष तक बताई जाती है। ऐसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र में जगह-जगह मांस और मदिरा की बिक्री से अनेक श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं तथा नाथद्वारा की सात्विक वैष्णव परंपरा को आघात पहुंचता है।

सोलंकी ने कहा कि केंद्र और राजस्थान सरकार के अनेक बड़े नेता एवं मंत्री भी अत्यंत श्रद्धा के साथ भगवान श्रीनाथजी के दर्शन करने नाथद्वारा आते हैं। सरकार को उन लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए, जिनके लिए नाथद्वारा कोई सामान्य पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रभु श्रीनाथजी का जीवंत धाम है।

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि पुष्कर, हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, तिरुपति और पालिताना जैसे देश के प्रमुख धार्मिक नगरों एवं तीर्थ क्षेत्रों में धार्मिक पवित्रता और विशिष्ट मर्यादा के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर विशेष प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। ऐसे में विश्वविख्यात प्रभु श्रीनाथजी की नगरी और उत्तर भारत के प्रमुख वैष्णव तीर्थों में शामिल नाथद्वारा को पवित्र धार्मिक नगरी का दर्जा और उसकी धार्मिक मर्यादा को विशेष संरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता?

सोलंकी ने कहा, “जब देश के अन्य प्रमुख तीर्थ नगरों और धार्मिक क्षेत्रों की पवित्रता की रक्षा के लिए सरकारें विशेष निर्णय ले सकती हैं, तो करोड़ों वैष्णवों की आस्था के केंद्र नाथद्वारा के साथ अलग व्यवहार क्यों? नाथद्वारा की पहचान किसी उद्योग, व्यापार अथवा आधुनिक पर्यटन परियोजना से नहीं, बल्कि प्रभु श्रीनाथजी से है। इसलिए ‘पहले पवित्र नगर, फिर पर्यटन बॉण्ड’ हमारी न्यायसंगत और स्पष्ट मांग है। उत्तर भारत के इस विश्वविख्यात वैष्णव तीर्थ को यदि आज भी पवित्र नगर का दर्जा नहीं मिलता, तो स्वाभाविक प्रश्न है कि आखिर कब मिलेगा ? राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। सनातन संस्कृति, धार्मिक विरासत और तीर्थों के संरक्षण की बात करने वाली भाजपा सरकार के समय भी यदि प्रभु श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा को पवित्र नगर घोषित नहीं किया जाएगा, तो फिर कब किया जाएगा ?

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन  राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं राजस्थान सरकार से मांग की है कि किसी भी प्रस्तावित टूरिज्म अथवा टेम्पल बॉण्ड को आगे बढ़ाने से पहले नाथद्वारा को विधिवत “पवित्र नगर (भ्वसल ब्पजल)” घोषित किया जाए। नगर परिषद सीमा में मांस, मछली, अंडा एवं मदिरा की बिक्री, भंडारण और सार्वजनिक उपभोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, नए लाइसेंस जारी न किए जाएं तथा वर्तमान लाइसेंसों के संबंध में विधिसम्मत निर्णय लिया जाए।

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन  राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने मांग की कि नगर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर “पवित्र नगरदृनाथद्वारा” के भव्य स्वागत द्वार एवं सूचना पट्ट स्थापित किए जाएं। संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त व्यवस्था बनाकर निर्णय का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

सोलंकी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित टेम्पल बॉण्ड से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग तीर्थयात्री सुविधाओं, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, गौ-संरक्षण, वैष्णव सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक स्थापत्य, धर्मशालाओं और धार्मिक पर्यटन से जुड़े आधारभूत ढांचे के विकास में प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी व्यक्ति, वर्ग अथवा समुदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि नाथद्वारा की विशिष्ट धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान और श्रद्धालुओं की आस्था के संरक्षण के लिए है।

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी, राजसमंद जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष लोकेश सोनी, उदयपुर देहात जिलाध्यक्ष ईश्वर लाल टेलर, संगठन के संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राव रतन सिंह तथा संरक्षक एवं पूर्व राज्यमंत्री हरीश राजानी ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से इस विषय पर शीघ्र और ऐतिहासिक निर्णय लेने की मांग की है।

प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल नाथद्वारा विधायक महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ तथा राजसमंद सांसद महारानी महिमा कुमारी मेवाड़ से मिलकर विस्तृत तथ्यात्मक ज्ञापन सौंपेगा और उनसे इस विषय को उचित लोकतांत्रिक मंचों पर प्रभावी रूप से उठाने तथा राज्य सरकार से नाथद्वारा को पवित्र नगर घोषित कराने के लिए सक्रिय पहल का आग्रह करेगा। इसके अतिरिक्त संगठन राजसमंद जिले के जनप्रतिनिधियों, श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत श्री, संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं तथा व्यापारिक संगठनों से भी समर्थन मांगेगा।

सोलंकी ने कहा, “नाथद्वारा केवल नक्शे पर बसा एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों वैष्णवों और सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था का धाम है। विकास स्वागत योग्य है, लेकिन विकास की पहली शर्त इस नगरी की आत्मा, आस्था और पवित्रता की रक्षा होनी चाहिए।”

प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा, “हमारी मांग बिल्कुल स्पष्ट हैकृपहले नाथद्वारा को पवित्र नगर घोषित करो, उसकी नगर सीमा को मांस-मदिरा मुक्त करो और उसके बाद ही श्रीनाथजी की विश्वव्यापी धार्मिक प्रतिष्ठा के आधार पर पर्यटन बॉण्ड से धन जुटाओ। श्रीनाथजी की नगरी की पवित्रता किसी भी आर्थिक योजना से बड़ी है। राजस्थान सरकार के पास यह ऐतिहासिक निर्णय लेकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना का सम्मान करने का अवसर है।

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