केंद्रीय जनजाति कार्य राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके का उदयपुर प्रवास जनजातीय विकास योजनाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा, उल्टा स्वास्तिक देखकर ...
केंद्रीय जनजाति कार्य राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके का उदयपुर प्रवास
जनजातीय विकास योजनाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा, उल्टा स्वास्तिक देखकर नाराज
धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान व पीएम जनमन की जानी प्रगति, दिए निर्देश
उदयपुर, 11 जुलाई। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके दो दिवसीय प्रवास पर शनिवार को उदयपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं अनुसंधान परिषद (टीआरआई) सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन सहित अन्य प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक समयबद्ध रूप से पहुँचाने पर जोर दिया।
बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, समाजसेवी पुष्कर तेली सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रारंभ में केंद्रीय मंत्री सहित अतिथियों ने धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर बैठक का शुभारंभ किया। संभागीय आयुक्त एवं टीएडी आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी , अतिरिक्त आयुक्त कृष्णपालसिंह चौहान, टीआरआई निदेशक ओपी जैन सहित अन्य ने अतिथियों का स्वागत किया। संभागीय आयुक्त सुश्री केवलरमानी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनजाति उत्थान योजनाओं, टीएडी विभाग के नवाचारों तथा विभिन्न कार्यक्रमों की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुँचे, जिससे जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन आए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने पर विशेष बल दिया।
बैठक में केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने धरती आबा जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की बैठक में इस योजना से जुडे 6019 गांवों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे गांवों के बारे में पूछा जहां इस योजना का शत प्रति प्रतिशत लाभ मिल चुका है और ऐसे गांव जहां संपूर्ण काम होने वाले हैं। लेकिन अधिकारी इस बारे में जानकारी नहीं दे पाए तो केंद्रीय राज्य मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में पूरी तैयारी नहीं होेने पर जनजाति आयुक्त के प्रति भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही एक योजना ही नहीं, बल्कि मिशन है और यह एक सीमित समय के लिए है। केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और कहा कि बिना डेटा के इस योजना की पूर्णता कैसे होगी।
उन्होंने जनजाति प्रतिभाओं को आगे लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जनजाति विद्यार्थी संकोची स्वभाव दिखाता है, लेकिन इन्हीं में प्रतिभा भरी होती है। जनजाति लोग अभाव में जीने वाले होते हैं, इसीलिए इनमें आत्मशक्ति का विशेष गुण होता है।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने आईआईटी जोधपुर का कैम्पस उदयपुर में खोलने तथा कौशल विकास के तहत जनजाति के पलायन को रोकने सहित अन्य कई मुद्दे रखे।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी समन्वय से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने एम्स जोधपुर के सहयोग से आबू रोड़ में संचालित देश के पहले ट्राईबल टेली मेडिसिन सेंटर के 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने की जानकारी देते हुए उसे नियमित करने तथा प्रतापगढ़ जिले में भी ऐसे ही सेंटर की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्तावों की ओर से केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, टीएडी विभाग के सभी उच्चाधिकारी, टीएसपी, माडा और सहरिया क्षेत्र के जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग से जुड़े अधिकारीगण उपस्थित रहे।
डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना के लिए एमओयू
राजस्थान में जनजाति बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना को लेकर टीआरआई और भारत संचार निगम लिमिटेड के मध्य समझौता हुआ है। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति में टीआरआई और बीएसएनएल के अधिकारियों ने समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर कर पत्रावलियों का आदान प्रदान किया। टीआरआई निदेशक श्री जैन ने बताया कि समझौते के तहत बीएसएनएल टीआरआई परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना करेगा। इससे जनजाति बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों में सहयोग मिलेगा।
पुस्तिका हम हैं बदलाव का विमोचन
बैठक से पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री श्री उइके सहित अतिथियों ने जनजाति आश्रम छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में संचालित नवादि संदर्भ कौशल कार्यक्रम की एक वर्षीय उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका हम हैं बदलाव का विमोचन किया।
बनफूल स्टूडियो का अवलोकन, कलाकारों से संवाद
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके ने टीआरआई परिसर में संचालित बनफूल स्टूडियो का अवलोकन किया। उन्होंने स्टूडियो की गतिविधियों की जानकारी ली तथा जनजातीय कलाकारों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी कला एवं प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए जनजातीय संस्कृति और लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
उल्टा स्वास्तिक बनाने पर नाराज
केंद्रीय राज्य मंत्री उइके बनफूल स्टूडियो के अवलोकन के दौरान उल्टा स्वास्तिक का चित्र देखकर नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि स्वास्तिक का चित्र हमारी प्रकृति को भी रेखांकित करता है। इसका उल्टा चित्रण जानबूझ कर की गई शरारत लगता है, इसलिए इसको ठीक करें तथा अन्य लोगों को भी बताए कि आगे से ऐसी गलती नहीं हो।
लैक्रोज खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
केंद्रीय मंत्री ने ओलंपिक खेल लैक्रोज की राष्ट्रीय टीम में शामिल राजस्थान के खिलाड़ियों से भी मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।


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