उदयपुर, 18 नवम्बर। बढ़ती शीतलहर के प्रकोप से अपने पालतु श्वान (पेट्स) की सुरक्षा करें। अन्यथा इस मौसम में पालतु श्वान के रोग ग्रस्त होने की ...
उदयपुर, 18 नवम्बर। बढ़ती शीतलहर के प्रकोप से अपने पालतु श्वान (पेट्स) की सुरक्षा करें। अन्यथा इस मौसम में पालतु श्वान के रोग ग्रस्त होने की संभावना रहती है। यह जानकारी पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने दी। डॉ छंगाणी ने बताया कि इस मौसम में आहार पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें फिश का सप्लीमेंट, शाकाहारी लोग अधिक से अधिक हरी सब्जियां खिलाये, उनके आस पास कैल्सियम बोन भी रखें। डॉ. छंगाणी ने कहा कि रात को कुत्ते का सोने का स्थान सही होना चाहियें अन्यथा फर्श की ठण्डक से उन्हें नुकसान हो सकता है। उनका बिछावन (बेडिंग) अच्छा हो एवं सुबह धूप निकलने तक श्वान को कपडें से ढकें। इस मौसम में श्वान को रूसी भी होती हैं अतः इसके बचाव हेतु सुबह शाम दो बार कंधी करें। पेट्स को नहलाने के बाद धूप में अच्छी तरह सुखायें। श्वान को सर्दी लगने पर विन्टर डायरिया या उल्टी होने के लक्षण दिखाई देते हैं, ऐसे में तुरन्त पशुचिकित्सक से सम्पर्क करें।
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