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रक्तदान से राष्ट्र नवनिर्माण संकल्प " के साथ लोक अधिकार पखवाड़े का शुभारंभ : नागरिक कर्तव्य पत्र का विमोचन

भारतीय सेना के कमांडर की उपस्थिति में नेताजी को दी श्रद्धांजलि  उदयपुर, 24 जनवरी। राष्ट्रीय लोक अधिकार मंच द्वारा देश के 76 वें गणतंत्र दिवस...


भारतीय सेना के कमांडर की उपस्थिति में नेताजी को दी श्रद्धांजलि 

उदयपुर, 24 जनवरी। राष्ट्रीय लोक अधिकार मंच द्वारा देश के 76 वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान के प्रति प्रतिबद्धता और स्वतंत्रता आंदोलन के आदर्शों को पुनः जीवन्त करने के उद्देश्य से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर रक्तदान से राष्ट्र नवनिर्माण संकल्प के साथ ही 23 जनवरी से 8 फरवरी तक चलने वाले "नागरिक कर्तव्य एवं लोक अधिकार जागरण"  पखवाड़े का शुभारंभ मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सम्पत लाल लड्ढा, राष्ट्रीय समन्वयक कन्हैया लाल त्रिपाठी और प्रदेश महिला अध्यक्ष डॉ रचना तैलंग ने पखवाड़े का पोस्टर और नागरिक कर्तव्य पत्र के विमोचन के साथ किया। समारोह मुख्य अतिथि भारतीय वायु सेना के कमांडर बीबी मेहर, मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश चन्द्र स्वर्णकार , विशिष्ठ अतिथि उपभोक्ता संरक्षण मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ राजश्री गांधी, भारतीय मानवाधिकार सहकार ट्रस्ट के प्रदेश संगठन मंत्री रूप लाल मेनारिया, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के संभागीय अध्यक्ष विकास गौड़ थे ।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट भरत कुमावत ने बताया कि समारोह में सर्वप्रथम आज़ाद हिन्द फौज़ संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देते हुए कि पखवाड़े के अंतर्गत नागरिकों में रक्तदान के साथ ही राष्ट्र नवनिर्माण का संकल्प लिया गया। नागरिकों में राष्ट्र भावना को प्रेरित करने के साथ ही संविधान में दिए हुए नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन एवं अरावली एवं नदियों जल स्त्रोतों सहित वन,प्रकृति,पर्यावरण, जीव जंतुओं के नैसर्गिक आवासों के लिए संविधान प्रदत्त लोक अधिकारों के संरक्षण हेतु उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर,बांसवाड़ा जिलों में लोक अधिकार मंच की जिला कार्यकारिणियां जन जागरण अभियान चलाएंगी जिसके अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं में गोष्ठियों, निबन्ध लेखन करवाया जाएगा एवं विशेष पत्रक वितरित कर नागरिकों को संविधान की पालना हेतु प्रतिबद्ध किया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सम्पत लाल लड्ढा ने कहा कि वास्तव में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पूर्णाहुति 26 जनवरी 1950 को हुई जिस दिन भारत देश को अपना खुद का स्वरचित संविधान प्राप्त हुआ जो कि भारत के नागरिकों को एक संप्रभुता प्राप्त राष्ट्र के नागरिकों का दर्ज़ा देता है और इसी से देश की सभी व्यवस्थाएं नियमित, निगमित और नियंत्रित होती हैं इसलिए किसी भी धर्म के ग्रंथों से अत्यधिक महत्व भारतीय संविधान का है इसलिए नागरिकों का सर्वोच्च दायित्व है कि वे संविधान की पालना करें, अपने नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करें यही लोकतांत्रिक राष्ट्र की सफलता का प्रतीक होगा।

लड्ढा ने वर्तमान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनाव लोकतंत्र का प्रवेश द्वार है और वर्तमान सरकार, प्रशासन और राजनीतिक दलों में जो भ्रष्टाचार व्याप्त है उसके पीछे महंगे चुनाव ही हैं इसलिए राजनीतिक सुधार सर्वोपरि हैं। साथ ही शराबखोरी को भी बहुत बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि शराब व्यक्ति को मानसिक रूप से विमंदित कर देती है जिसके कारण नशे में व्यक्ति घर, परिवार, समाज के मूल्यों को भूलकर पशुवत व्यवहार करता है इसलिए संपूर्ण देश में शराब बन्दी लागू होनी चाहिए और देश के नागरिकों को अपने सांस्कृतिक कर्तव्यों पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे कि भारतीय मानवीय मूल्यों को बल मिले।

डॉ रचना तैलंग ने अपनी पुस्तक सुधा संस्कार को लोकार्पित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी में संस्कारों का क्षरण बड़े पैमाने पर हो रहा है इसके लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों का भारतीय ज्ञान परम्परा से दूर हट जाना है इसलिए शिक्षा का भारतीयकरण होना आज की प्राथमिक आवश्यकता है।

भारतीय सेना के बीबी मेहर ने कहा कि भारतीय सेना यह सिखाती है कि साधन संसाधन से अधिक महत्व आपका हौंसला, आत्मविश्वास, रणनीति और सही समय पर रणनीति का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए, आपका हौंसला और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और प्रतिबद्धता ही आपको विजय दिलाती है और भारतीय सेना के किस्से सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया जिसे करतल ध्वनि से सभी ने स्नेहप्लावित कर दिया।

डॉ राजश्री गांधी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक उपभोक्ता है जो उसकी बहुत बड़ी उपलब्धि इसलिए अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक रहना परम कर्तव्य है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के संभागीय अध्यक्ष विकास गौड़ ने कहा कि मानवाधिकार के नाम से कई एनजीओ हैं जो इसका नाजायज दुरुपयोग कर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की छवि को गिरा रहे हैं इसलिए ऐसे संगठनों पर भी अंकुश लगाना प्रशासन का कर्तव्य है।

समारोह में मेवाड़ विकास मंच के डॉ के एस मोगरा, मुस्लिम महासंघ के हाज़ी मोहम्मद बख्श, राकेश कोठारी, संभागीय अध्यक्ष बसंती देवी वैष्णव, नगर अध्यक्ष वीणा राजगुरु, निर्भय सिंह राठौड़, मनोरमा कोठारी, मनोज राजपुरोहित, नरेंद्र रावल,नारायण वैष्णव,  मोइनुद्दीन , उम्मेद सिंह मेहता, पुष्कर राज बाबरवाल, राजकुमार जारोली,सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित थे ।

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