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डॉ. हुकमचंद भारिल्ल देश के महान विद्वान एवं आध्यात्मिक गुरु थे — डॉ. शास्त्री

डॉ. हुकमचंद भारिल्ल का 91वाँ संकल्प दिवस श्रद्धा एवं गरिमा के साथ सम्पन्न उदयपुर से दर्जनों विद्वान संकल्प सभा में शामिल हुए  उदयपुर 26 मई -...



डॉ. हुकमचंद भारिल्ल का 91वाँ संकल्प दिवस श्रद्धा एवं गरिमा के साथ सम्पन्न

उदयपुर से दर्जनों विद्वान संकल्प सभा में शामिल हुए 

उदयपुर 26 मई -अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त तार्किक विद्वान, प्रखर चिंतक एवं आध्यात्मिक गुरु डॉ. हुकमचंद भारिल्ल की 91वीं जन्म जयंती “संकल्प दिवस” के रूप में इंदौर स्थित ढाई दीप जिनालय में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं विशाल सभा के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली के अजित प्रसाद जैन ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिगम्बर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक बड़जात्या थे, वहीं विशिष्ट अतिथियों में परमात्म प्रकाश भारिल्ल, अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. एस.पी. भारिल्ल, अध्यात्म प्रकाश भारिल्ल,डॉ शांति कुमार पाटिल एवं मुंबई से वरिष्ठ विद्वान पं.विपीन जैन,शास्त्री,सुशील कुमार गोदिका,जयपुर,महिपाल जैन ज्ञायक, बांसवाड़ा की गरिमामय उपस्थिति रही  “संकल्प दिवस” के स्वप्नदृष्टा एवं अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष “राजस्थान गौरव” डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “छोटे दादा, हमने आपसे जीवन जीना सीखा है। यदि डॉ. हुकमचंद भारिल्ल नहीं होते, तो मैं आज सफल जनसेवा नहीं कर रहा होता।”

उन्होंने कहा कि डॉ. हुकमचंद भारिल्ल केवल एक विद्वान नहीं, बल्कि युगदृष्टा, दूरदर्शी चिंतक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रेरक थे। उनकी सकारात्मक सोच एवं वैचारिक क्रांति का परिणाम है कि आज देशभर में 1500 से अधिक शास्त्री विद्वान समाज एवं धर्म क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

डॉ. शास्त्री ने कहा कि भले ही डॉ. भारिल्ल आज हमारे बीच भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा रचित 100 से अधिक जैन साहित्य ग्रंथ सदैव जीवंत रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार एवं आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते रहेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि डॉ. भारिल्ल का व्यक्तित्व एवं कृतित्व इतना प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी रहा है कि उदयपुर के डॉ. महावीर प्रसाद जैन एवं डॉ. सीमा जैन ने उन पर पीएचडी शोध कार्य किया है। यह किसी भी व्यक्ति की महानता, वैचारिक ऊंचाई एवं समाज पर उनके अमिट प्रभाव का प्रमाण है।

संकल्प दिवस समारोह में पं. अमित जैन, डॉ. अंकित शास्त्री, डॉ. तपीश शास्त्री, पं. गजेंद्र शास्त्री, पं. सम्मेद शास्त्री, डॉ. भारिल्ल पर शोधार्थी डॉ. सीमा जैन, भव्य जैन, हितंकर शास्त्री, श्रीमती भगवती देवी जैन, उमंग जैन, श्रीमती आशा जैन, शुद्धि जैन सहित अनेक उदयपुर के विद्वानों, समाजजनों एवं साधर्मियों ने सहभागिता कर डॉ. हुकमचंद भारिल्ल के संकल्प दिवस पर सहभागिता की. सभी का आभार प्रदर्शन पं.पीयूष शास्त्री ने व्यक्त किया. 

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