एसपी पहुंची किशोर सुधार गृह, बच्चे परिजनों को सुपुर्द, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेज एजेंट और नियोक्ता के खिलाफ चल रही कार...
एसपी पहुंची किशोर सुधार गृह, बच्चे परिजनों को सुपुर्द, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेजएजेंट और नियोक्ता के खिलाफ चल रही कार्यवाही
उदयपुर, 29 मई। मानव तस्करी विरोधी यूनिट उदयपुर की ओर से गुजरात के सूरत शहर में कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू किए गए 70 बाल श्रमिक मुख्य धारा से जुड़ेंगे। जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ अमृता दुहन ने शुक्रवार को चित्रकूट नगर स्थित किशोर सुधार गृह पहुंच कर इन बच्चों से मुलाकात की। साथ ही इनके परिजनों को बुलवाकर काउसलिंग कर बच्चों को सुपुर्द किया गया।
किशोर सुधार गृह में बच्चों से संवाद के बाद पुलिस अधीक्षक डाॅ दुहन मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुई। डाॅ दुहन ने बताया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों में सभी 14 वर्ष से कम आयु के हैं। इन्हें सूरत में बाल श्रम के लिए ले जाया गया था। सूचना पर मानव तस्करी निरोधी टीम ने सूरत पुलिस के साथ समन्वय कर उन्हें मुक्त कराया। सुरत पुलिस ने नियोक्ता के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया है, जिसकी जांच चल रही है। एसपी ने बताया कि इन बच्चों को रेस्क्यू कर उदयपुर के किशोर सुधार गृह में रखा गया था। वहां उनके परिजनों को बुलवाकर उनकी भी समझाइश की गई। अब इन बच्चों को शिक्षा सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए पुलिस विभाग की पहल पर बाल अधिकारिता विभाग और स्वयंसेवी संगठन प्रयासरत हैं।एसपी ने कहा कि बाल श्रम एवं मानव तस्करी एक गंभीर सामाजिक अपराध है तथा इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की। इस दौरान बाल अधिकारिता विभाग से के के चंद्रवंशी, किशोर सुधार गृह की अधीक्षक सहित पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण समिति से जुड़े सदस्य एवं परिजन मौजूद रहे।

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