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पार्श्वगायक मुकेश का 103वां जन्म दिन धूमधाम से मनाया

उदयपुर। शहर के प्रतिष्ठित 7 स्टार्स ओर्केस्ट्रा एवं संगीत प्रेमियों द्वारा पार्श्वगायक मुकेश चन्द्र माथुर का 103वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से म...


उदयपुर। शहर के प्रतिष्ठित 7 स्टार्स ओर्केस्ट्रा एवं संगीत प्रेमियों द्वारा पार्श्वगायक मुकेश चन्द्र माथुर का 103वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया । ग्रुप के फाउंडर एवं निदेशक राकेश झंवर ने  मुकेश चन्द्र माथुर के जन्म दिन पर संगीत जगत में उनके अविस्मरणीय योगदान पर प्रकाश डाला। कलाकारों ने माल्यार्पण कर उनके सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों को गाकर उन्हें स्वरांजलि दी गई ।

संगीत प्रेमी चन्द्र प्रकाश गन्धर्व ने अपने उद्बोधन में कहा कि"दर्द भरे नगमों के बेमिसाल गायक" मुकेश चन्द्र माथुर एक विलक्षण प्रतिभा के घनी थे । उनके गीत आज भी अमर है । दर्द भरे नगमों के अलावा भी हर मूड के गीत उन्होंने गाए है जो कि आज भी हजारों दिलों पर राज कर रहे है । कार्यक्रम की शुरुआत नयनेश दवे के गीत "ओ रे ताल मिले नदी के जल में...,से हुए इसके बाद सी.पी.गन्धर्व ने "बरखा रानी जरा जम के बरसों..., वेद प्रकाश ने चांद सी महबूबा हो मेरी...,गाकर महफ़िल में रंग जमा दिया ।

गायक राकेश झंवर,आरिफ अमीन,सी.पी.गन्धर्व,वेद प्रकाश,कन्हैया लाल गन्धर्व,नयनेश दवे,देव प्रकाश ने एक के बाद एक गीत रमय्या वसा वैया रमय्या...,दिल तड़प तड़प के कह रहा है.…,बड़े अरमानो से रखा है बलम..., तुम रूठी रहो में मानता रहूं.....,हम तो तेरे आशिक है सदियों पुराने...,

सुहाना सफ़र और ये मौसम हसी...,डम डम डिगा डिगा मौसम...,जैसे सदाबहार एवं कालजयी नगमों की प्रस्तुतियों से समा बांध दिया । साउंड कंट्रोल गजेंद्र लोहार ने किया अंत में राकेश झंवर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।


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