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मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध, इनके उन्मूलन के लिए सभी का संयुक्त प्रयास आवश्यक: आशा कुमारी

विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस सप्ताह के अंतर्गत ष्बंधुआ मजदूरी से आजादी की ओर” कार्यक्रम आयोजित प्रतापगढ़, 24 जुलाई। मानव तस्करी एवं बंधुआ मज...


विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस सप्ताह के अंतर्गत ष्बंधुआ मजदूरी से आजादी की ओर” कार्यक्रम आयोजित

प्रतापगढ़, 24 जुलाई। मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध हैं तथा इनके उन्मूलन के लिए प्रशासन, पुलिस, न्यायपालिका एवं समाज के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य प्रकरण में गुमशुदा बच्चों एवं मानव तस्करी से संबंधित जारी दिशा-निर्देशों अनुसार प्रत्येक गुमशुदगी के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील जांच तथा सभी संबंधित विभागों के प्रभावी समन्वय से ही पीड़ितों को समय पर न्याय एवं संरक्षण सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया गया है। सभी अधिकारियों से इन दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु प्राथमिकता से कार्य करना होगा। 

उक्त विचार विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस सप्ताह (23 से 30 जुलाई 2026) के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ एवं गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में “बंधुआ श्रम से आजादी की ओर” विषय पर जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ की अध्यक्ष आशा कुमारी ने व्यक्त किए।  

इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुंदरलाल खारोल ने पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, सरकारी योजनाओं एवं पुनर्वास की प्रक्रिया की जानकारी दी।

विशेषज्ञ के रूप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेन्द्र दवे ने पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर बल देते हुए बंधुआ श्रम एवं ट्रैफ़िकिंग संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

श्रम विभाग, प्रतापगढ़ से राहुल मेघवाल ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं, बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास, श्रमिक पंजीयन एवं पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा सभी पात्र श्रमिकों से इन योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सिहाग , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी गिरधारीलाल मालवी, विषय विशेषज्ञ के रूप में आई.जे.एम. के प्रतिनिधि सुखविंदर ने भी संबोधित किया। 

गायत्री सेवा संस्थान की परियोजना अधिकारी पायल कनेरिया ने पूरे कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, पीड़ितों के अधिकारों एवं पुनर्वास योजनाओं की जानकारी देना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था। 

कार्यक्रम का संचालन पायल कनेरिया ने किया। अंत में रामचन्द्र मेघवाल, जिला समन्वयक, गायत्री सेवा संस्थान ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर गायत्री सेवा संस्थान की ओर से पूजा राजपूत, शानू कुमावत, अम्बालाल मीणा, नटवरलाल एवं रामलाल मेघवाल व  आई.जे.एम. की टीम से मामुनी, क्लेफा, प्रांशु तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, न्यायालय परिवार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, मुक्त बंधुआ मजदूर एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की। 


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