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दर्द से मुक्ति की ओर बढ़ते कदम— आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा शिविर में मिली दर्द में राहत

अंतिम दिन बड़ी संख्या में रोगियों ने पंचकर्म एवं अग्निकर्म चिकित्सा का लिया लाभ, दर्द से मिली राहत उदयपुर, 24 जुलाई। आयुर्वेद विभाग, राजस्था...


अंतिम दिन बड़ी संख्या में रोगियों ने पंचकर्म एवं अग्निकर्म चिकित्सा का लिया लाभ, दर्द से मिली राहत

उदयपुर, 24 जुलाई। आयुर्वेद विभाग, राजस्थान के तत्वावधान में आरोग्य समिति, राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय, सिंधी बाजार, उदयपुर द्वारा आयोजित 48वें निःशुल्क विशाल पंचकर्म एवं विशेष अग्निकर्म चिकित्सा शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन बड़ी संख्या में रोगियों ने विशेष अग्निकर्म चिकित्सा एवं विभिन्न पंचकर्म थेरेपी का लाभ लिया। उदयपुर के साथ-साथ राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ एवं आसपास के जिलों से आए रोगियों ने भी शिविर में उपचार प्राप्त कर आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया।

शिविर में कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, घुटनों का दर्द, गठिया, सायटिका, एवीएन, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की जकड़न, माइग्रेन, अनिद्रा, मोटापा, कब्ज तथा अन्य वातजन्य एवं जीवनशैली संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कर आवश्यक पंचकर्म चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक उपचार प्रदान किया गया। रोगियों की आवश्यकता के अनुसार अभ्यंग, स्वेदन, कटिबस्ति, ग्रीवाबस्ति, जानुबस्ति, शिरोधारा एवं बस्ति कर्म सहित विभिन्न पंचकर्म प्रक्रियाएं की गईं।

शिविर के अंतिम दिन आयोजित विशेष अग्निकर्म चिकित्सा शिविर में अग्निकर्म विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने घुटनों का दर्द, सर्वाइकल, कमर दर्द, सायटिका, टेनिस एल्बो, एड़ी का दर्द एवं अन्य दर्द संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार अग्निकर्म चिकित्सा की। उपचार के बाद अनेक रोगियों ने दर्द में उल्लेखनीय राहत मिलने की जानकारी दी तथा आयुर्वेद विभाग की इस पहल की सराहना की।

वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली के कारण जोड़ों एवं मेरुदंड संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचकर्म एवं अग्निकर्म आयुर्वेद की प्रभावी उपचार पद्धतियां हैं, जिनसे ऐसे रोगों में लाभ मिलता है। साथ ही उन्होंने रोगियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आवश्यकता अनुसार आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ लेने की अपील की।

शिविर के सफल संचालन में वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य के निर्देशन में डॉ. शैलेंद्र शर्मा, डॉ. अंकिता सियाल, डॉ. संजय सोनी, डॉ. नितिन सेजू एवं डॉ. रितम्भरा ने रोगियों का परीक्षण कर उपचार एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया।

शिविर की व्यवस्थाओं एवं संचालन में वरिष्ठ कम्पाउंडर शंकरलाल खराड़ी के साथ इंदिरा डामोर, कंचन कुमार डामोर, कन्हैयालाल नागदा, वंदना शक्तावत, चंद्रेश परमार, अंजना बारोट, हेमंत पालीवाल, संगीता रेगर, त्रिलोचना अहारी, गजेन्द्र कुमार आमेटा, निर्भय सिंह भाटी एवं देवीलाल मेघवाल ने पंजीयन, रोगी मार्गदर्शन, पंचकर्म व्यवस्थाओं एवं चिकित्सा सेवाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।


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