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शाश्वत धाम बालिकाओं का परिचय सम्मेलन एवं जिनमंदिर दर्शन कार्यक्रम सम्पन्न

उदयपुर, 13 जुलाई। कुन्दकुंद कहान शाश्वत पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा संचालित जैन दर्शन कन्या महाविद्यालय, शाश्वत धाम के सत्र 2026-27 का परिचय सम...


उदयपुर, 13 जुलाई। कुन्दकुंद कहान शाश्वत पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा संचालित जैन दर्शन कन्या महाविद्यालय, शाश्वत धाम के सत्र 2026-27 का परिचय सम्मेलन एवं जिनमंदिर दर्शन कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं वात्सल्यपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।

ट्रस्ट के मंत्री डॉ. महावीर प्रसाद जैन ने बताया कि प्रातःकाल शाश्वत धाम से सेमारी पहुँचकर सभी ने अल्पाहार ग्रहण किया तथा श्री महावीर जिन चैत्यालय के दर्शन किए। इसके पश्चात मुख्य मंदिर श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुँचे, जहाँ स्थानीय समाजजनों ने तिलक लगाकर शाश्वत धाम परिवार का आत्मीय स्वागत किया।

जिनमंदिर में श्रीमती चंद्रकला जी, श्रीमती प्रेमलता जी, श्रीमती पायल जी, श्रीमती ज्योति जी, श्रीमती खुशबू जी आदि एवं अकलंक-निकलंक पाठशाला के विद्यार्थियों के साथ भक्तिभावपूर्वक देव-शास्त्र-गुरु पूजन सम्पन्न हुआ। इसके बाद विद्या निकेतन विद्यालय परिसर में परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवि राव अजातशत्रु थे तथा अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री ललित किकावत ने की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रस्ट के मंत्री राजस्थान गौरव डॉ. जिनेंद्र शास्त्री एवं डॉ. अंकित शास्त्री थे,विशिष्ट अतिथियों ताराचंद फलेजिया, भंवरलाल जोधावत, नाथूलाल पाडविया, विमल भोजन, नरेंद्र चंदावत, कचरूलाल भोजन, प्रदीप चौबीसा एवं वेल कलाल मंचासीन रहे। महाविद्यालय के अध्यापकगण पं. सुरेश शास्त्री, पं. अमित शास्त्री, डॉ. तपिश शास्त्री तथा महिला वर्ग में श्रीमती ममता, श्रीमती सुसीमा, डॉ. अनुभूति शास्त्री, श्रीमती श्रद्धा शास्त्री, विदुषी अनुभूति शास्त्री, विदुषी मुस्कान शास्त्री, विदुषी श्रुति शास्त्री एवं विदुषी रिया शास्त्री की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारम्भ बालिकाओं द्वारा मंगलाचरण एवं नृत्य प्रस्तुति से हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य पं. अमित शास्त्री ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। कक्षा 8, 9 एवं 11 में प्रवेश लेने वाली नवीन बालिकाओं का परिचय कराते हुए उनका शाश्वत धाम परिवार में स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि राव अजातशत्रु ने अपनी ओजस्वी एवं प्रेरणादायी कविताओं का पाठ कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अतिथियों के उद्बोधन के साथ शाश्वत कृति जैन ने “जिनवाणी अध्ययन की महिमा” विषय पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया। शाश्वत धाम की बालिकाओं ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदेश से परिपूर्ण आकर्षक नुक्कड़ नाटिका का मंचन भी किया।

डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने उद्बोधन में कहा कि “हम बालिकाओं में संस्कार देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। सही मायने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को हम सार्थक कर रहे हैं। जब बेटियाँ शिक्षित होने के साथ संस्कारित भी बनती हैं, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव होता है। शाश्वत धाम इसी उद्देश्य के साथ बालिकाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि संस्थान में अध्ययनरत बालिकाओं को जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति, चरित्र निर्माण, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श व्यक्तित्व बन सकें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षित एवं संस्कारित बनाना ही किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। अपने उद्बोधन में डॉ. अंकित जैन ने शाश्वत धाम में अध्ययनरत बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं धार्मिक अध्ययन की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ बालिकाओं को केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि जैन दर्शन, संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं जीवनोपयोगी संस्कारों का भी समग्र प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शाश्वत धाम में अध्ययन कर रही बालिकाएँ अनुशासन, सेवा, अध्ययन एवं आध्यात्मिक साधना के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रही हैं तथा समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

इस अवसर पर कांतिलाल जोधावत, कैलाश चंदावत, महावीर फलेजिया, प्रकाश फलेजिया, भरत चन्दावत, लोकेश चन्दावत, प्रकाश मानावत, हीरालाल भोरावत, पुष्पेंद्र जैन,पं. अर्पित जी, पं. दीपक जैन पं. प्रशांत शास्त्री,मंगलार्थी हिमालय जैन,एवं प्रतीक जैन आदि का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। 

इस प्रकार यह कार्यक्रम अत्यंत वात्सल्य एवं भक्तिभाव पूर्वक सम्पन्न हुआ।

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