ब्रेकिंग द बैरियर्स रिसर्च टू प्रैक्टिस” -डॉ.महाजन उदयपुर, 22 अगस्त। राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस ट्रेण्ड्स ऑफ ट्रांसफोर्मेशन इन ऑन्कोलॉजी ऑ...
ब्रेकिंग द बैरियर्स रिसर्च टू प्रैक्टिस” -डॉ.महाजन
उदयपुर, 22 अगस्त। राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस ट्रेण्ड्स ऑफ ट्रांसफोर्मेशन इन ऑन्कोलॉजी ऑन्कोकन्वर्ज 2026 के दूसरे दिन कैंसर चिकित्सा के बदलते स्वरूप, आधुनिक तकनीकों और मरीजों के बेहतर भविष्य को लेकर विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। पहले दिन जहां कैंसर के उपचार में तेजी से हो रहे बदलावों, नई चिकित्सा पद्धतियों और विशेषज्ञों के अनुभवों ने चिकित्सकों को नई दिशा दी थी, वहीं दूसरे दिन चर्चा का केंद्र कैंसर के साथ जी रहे मरीज को बेहतर, सुरक्षित और अधिक संवेदनशील उपचार प्रदान करना रहा।
प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. मनोज महाजन ने बताया कि दूसरे दिन की शुरुआत ऑन्को-पैथोलॉजी से हुई। विशेषज्ञों ने टिश्यू बायोप्सी की गुणवत्ता और कैंसर की सही पहचान में उसकी भूमिका पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर के उपचार की पहली सीढ़ी सही और समय पर निदान है। एक छोटी-सी रिपोर्ट मरीज के उपचार की पूरी दिशा बदल सकती है, इसलिए पैथोलॉजी में गुणवत्ता और सटीकता बेहद महत्वपूर्ण है।
यहां कार्डियो-ऑन्कोलॉजी सत्र में कैंसर उपचार और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर चर्चा हुई। आधुनिक कैंसर उपचार ने लाखों मरीजों के जीवन में उम्मीद जगाई है, लेकिन उपचार के दौरान हृदय की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। विशेषज्ञों ने उपचार के दौरान हृदय संबंधी जोखिमों की पहचान और उनकी निगरानी पर विचार साझा किए।
डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि एक महत्वपूर्ण सत्र मल्टीपल मायलोमा जैसे जटिल रक्त कैंसर के निदान और उपचार को लेकर रहा। विशेषज्ञों ने चुनौतीपूर्ण मामलों पर चर्चा करते हुए बताया कि आज कैंसर चिकित्सा केवल बीमारी से लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मरीज की अलग जरूरत को समझकर व्यक्तिगत उपचार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
डॉ. अंकुर शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में एमडीएम ग्लियोमा, लंग कैंसर, मेटास्टेटिक मेलानोमा और अन्य जटिल कैंसर पर भी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। नई दवाओं, इम्यूनोथेरेपी, लक्षित उपचार और उभरती तकनीकों पर हुई चर्चाओं ने सम्मेलन को और महत्वपूर्ण बना दिया।
कैंसर इम्यूनोथेरेपी पर विशेष सत्र में विषेषज्ञों ने कहा कि शरीर की अपनी प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर के खिलाफ प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने वाली उपचार पद्धतियां कई मरीजों के लिए नई उम्मीद बन रही हैं। वहीं एआई और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग पर चर्चा ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में कैंसर की पहचान और उपचार में तकनीक की भूमिका और मजबूत होगी।
डॉ. महाजन ने कहा कि कैंसर की लड़ाई सिर्फ डॉक्टर और मशीनों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह एक परिवार की उम्मीद, एक मरीज के साहस और बेहतर जीवन की इच्छा से जुड़ी हुई है। साथ ही उन्होंने इस दिशा में सामूहिक प्रयास की जरूरत पर जोर दिया।
दूसरे दिन की चर्चाओं ने यह संदेश दिया कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई लंबी जरूर है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में हो रहे लगातार बदलाव मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आ रहे हैं।

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