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“उदयपुर का पैसा उदयपुर में” मेवाड़ बचाओ मंच की मुहिम व्यापारी 2.0 को अपार जनसमर्थन

उदयपुर। “हम ऑनलाइन से बेहतर हैं”, यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, एक परिवर्तन की प्रक्रिया है जो उदयपुर के व्यापारियों और नागरिकों...


उदयपुर। “हम ऑनलाइन से बेहतर हैं”, यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, एक परिवर्तन की प्रक्रिया है जो उदयपुर के व्यापारियों और नागरिकों के दिलों में नई उमंग जगा रही है। मेवाड़ बचाओ मंच द्वारा उदयपुर का पैसा उदयपुर में चलाया जा रहे अभियान के तहत यह मुहिम अब अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर चुकी है, और शहरवासियों के दिलों में स्थानीय व्यापार के प्रति गर्व व सहानुभूमि का संचार कर रही है।

दूसरे फेज के अंतर्गत “उदयपुर का पैसा उदयपुर में” के मंत्र के साथ मंच की टीम ने सेक्टर14 और सविना मार्केट में डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाया। यहां व्यापारियों और नागरिकों ने अभूतपूर्व समर्थन दिखाया और एक स्वर में यह वादा किया कि वे “हम ऑनलाइन से बेहतर हैं” इस विचार को हकीकत में बदलने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इससे पूर्व दूसरे फेज में आयड़, पहाड़ा, सेक्टर 4 के मार्केट में जाकर लोगों को जागरूक किया था।

मेवाड़ बचाओ मंच के संस्थापक अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि यह मुहिम केवल बाज़ार बचाने की कोशिश नहीं है, बल्कि स्थानीय आत्मनिर्भरता, रिश्तों में अपनेपन और विश्वास को फिर से जगाने का आंदोलन है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य यह दिखाना है कि स्थानीय व्यापारी न केवल कम दाम देते हैं, बल्कि ग्राहक को सम्मान, मुस्कान और रिश्तों की सच्ची कीमत भी देते हैं।”

सेक्टर 14 /सविना मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश जैन ने भी ऑनलाइन और इंस्टेंट ऐप्स से व्यापार पर पड़ते नकारात्मक असर पर चिंता जताई और मंच के प्रयासों को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने शीघ्र ही व्यापारियों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा की।

इस चरण में मंच ने “व्यापारी 2.0 दाम कम, सम्मान ज़्यादा” के नारे वाले स्टीकर लगाकर लोगों को स्थानीय व्यापार से जुड़ने का संदेश दिया। अभियान में  चिराग मेघवाल, मयंक जानी सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस प्रेरक पहल से शहर में एक नया संदेश फैल रहा है, “जब हम अपने शहर से खरीदेंगे, तभी शहर आगे बढ़ेगा।” यह अभियान व्यापार से बढ़कर एक सामाजिक आंदोलन बन गया है, जो हर उदयपुरवासी को अपनी मिट्टी, अपने बाजार और अपने लोगों से जोड़ रहा है।

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