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सीनियर नेशनल कयाकिंग में उदयपुर के हर्षवर्धन ने जीते दो स्वर्ण पदक

PRAKASH SHARMA R NEWS INDIA उदयपुर मे अब चाहिए वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी राजस्थान कयाकिंग संघ के सचिव श्री दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि फ़तहसागर...


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उदयपुर मे अब चाहिए वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी

राजस्थान कयाकिंग संघ के सचिव श्री दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि फ़तहसागर झील ने एक बार फिर कयाकिंग केनोइंग खेल मैं उदयपुर ही नहीं बल्कि राजस्थान का नाम ऊँचा किया पहली बार किसी भी खिलाड़ी ने सीनियर नेशनल कयाकिंग केनोइंग प्रतियोगिता में k-1 500 एवं k-1 200 ये दोनों ही स्पर्धाओं में पहले हिट्स में पहला स्थान प्राप्त किया उसके पश्चात सेमीफ़ाइनल में भी पहला स्थान प्राप्त कर फ़ाइनल में कड़े मुक़ाबले में SSCB इंडियन पुलिस के दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर इतिहास रचते हुए दो स्वर्ण पदक जीते

राजस्थान कयाकिग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि उदयपुर के युवा खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह सक्तावत पुत्र निरंजन सिँह सक्तावत जो कि मात्र 21 वर्ष के हैं ने इसी फ़तहसागर झील में पहले तैराकी का अभ्यास करते हुए  राष्ट्रीय स्तर तक तैराकी उसके पश्चात उन्होंने कोविड के दौरान तरणताल बंद हो जाना से फ़तहसागर झील में कायाकिंग केनोइंग का अभ्यास प्रशिक्षक निश्चय सिंह चौहान की निगरानी मे शुरू किया तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा 

विगत तीन वर्षों से भोपाल मैं साईं की अकेडमी में रहकर निरंतर कर रहे है कड़ा अभ्यास:-

राजस्थान कयाकिंग केनोइंग संघ के अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव ने बताया कि हर्षवर्धन सिंह विगत दो वर्षों से भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा संचालित कायाकिंग- केनोइंग NCOE  स्कीम के तहत भोपाल में ही प्रशिक्षण ले रहे थे इसी दौरान उन्होंने जूनियर वर्ग में कई पदक जीते है एवं उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर उन्हें भारतीय कयाकिंग केनोइंग संघ एवं उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित हाई परफॉर्मेंस अकेडमी में पूरे भारत वर्ष के अतिविशिष्ट खिलाड़ियों को एडमिशन दिया गया उसी में हर्षवर्धन सिंह का भी चयन हुआ वर्तमान में वह उत्तराखंड के टिहरी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित ओलंपिक स्तर की हाई परफॉर्मेंस अकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं जहाँ पे दो विदेशी प्रशिक्षक एवं तीन भारत के प्रशिक्षक उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं

उदयपुर में सब कुछ होते हुए भी कि उच्च स्तरीय अकेडमी (वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी) नहीं होने से यहाँ के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण हेतु दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है . राजस्थान कयाकिग संघ के चेयरमैन चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने बताया कि उदयपुर में प्राकृतिक रूप से इतनी सुंदर झील है खेल मैदान के नाम पर सरकार को एक भी रुपया नहीं लगाना पड़ता है जबकि उदयपुर में हॉकी का एस्ट्रोटर्फ एवं एथलेटिक्स के सिंथेटिक ट्रैक पर करोड़ों रुपया ख़र्च करने के पश्चात में इतने रिज़ल्ट नहीं है जितने कायाकिंग केनोइंग में राष्ट्रीय स्तर पर रिज़ल्ट आ रहे हैं और कई खिलाड़ियों ने इस खेल मे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन किया है परन्तु इतनी उपलब्धियों के बाद भी उदयपुर के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण लेने हेतु अन्य राज्यों में जाना पड़ता है।

वर्तमान में उदयपुर के हर्षवर्धन सिंह एवं रुद्र प्रताप सिंह पुरुष वर्ग में अभी भोपाल मैं साई द्वारा संचालित अकादमियों में के बाहर प्रशिक्षण ले रहे एवं यहाँ की बालिका /महिला खिलाड़ी बाहर जाने से कतराते हुए यह खेल निरंतर छोड़ते जा रही है जिसमें उदयपुर की प्रतीति व्यास, नेहा कुमावत, चित्रांगी दशोरा एवं तनिष्क पटवा जैसे नामी खिलाडी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेते हुए भी वो अपना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई एवं उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा क्योंकि वह अकेडमी में बाहर नहीं जा सकती

एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व लगभग तय 

राजस्थान कयाकिंग के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि हर्षवर्धन विगत दो वर्षों से कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है लेकिन वर्षों बाद उदयपुर से कोई खिलाड़ी एशियाई खेलों जो कि इसी वर्ष जापान में सम्पन्न होने वाले हैं में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा हर्षवर्धन सिंह अभी हाल ही में उत्तराखंड में टिहरी डैम पर भारतीय टीम के चयनित खिलाड़ियों के साथ में विदेशी प्रशिक्षकों के साथ एशियाई खेलों की तैयारी में जुटे हुए हैं विगत छह माह से उन्हें उसी अकेडमी के अंतर्गत एवं जे एस डब्ल्यू द्वारा संचालित बैंगलोर मैं हाई परफॉर्मेंस अकेडमी अकेडमी में भी विदेशी प्रशिक्षकों द्वारा शारीरिक दक्षता के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है एवं समय समय पर उनके विभिन्न टेस्ट का आयोजन किया जाता है।


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